उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा में असंतोष की उठी लहर थमने का नाम नहीं ले रही है। बीजेपी के ही एक और सांसद ने योगी आदित्यनाथ की सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। घोसी से भाजपा सांसद हरिनारायण राजभर ने उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनुपमा जायसवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बीजेपी सांसद ने बेसिक शिक्षा विभाग में टेंडर घोटाला होने की बात कही है। हरिनारायण ने इसको लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 8 मई को पत्र भी लिखा है। उन्होंने लिखा, ‘बेसिक शिक्षा विभाग की मंत्री और अधिकारियों के साथ ही पुष्टाहार के शीर्ष अफसरों द्वारा आमलोगों से धोखाधड़ी की जा रही है। टेंडर को भी अनियमित तरीके से कुछ विशेष लोगों को लाभान्वित करने के लिए दिए जा रहे हैं।’ भाजपा सांसद ने अपने गृहजिले मऊ में बच्चों को पौष्टिक आहार मुहैया न कराने का भी आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इससे पहले भी भाजपा के कई नेता मंत्रियों और अधिकारियों की शिकायत कर चुके हैं। कुछ दलित नेताओं ने तो सीएम योगी को भी कठघरे में खड़ा दिया।

हरिनारायण ने अपने पत्र में लिखा, ‘जांच में पता कि हमारे जनपद मऊ में विगत 10 महीनों से बाल विकास एवं पुष्टाहार के तहत आहार की आपूर्ति ही नहीं की गई है। सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है कि पौष्टिक आहार की सप्लाई एक भी दिन बाधित नहीं होनी चाहिए।’ भाजपा सांसद ने जूते एवं मोजे के टेंडर में भी अनियमितता का मसला उठाया है। उन्होंने लिखा, ‘विभागीय मंत्री और विभाग द्वारा जूते एवं मोजे के टेंडर में भारी अनियमितता की जा रही है। इसके जरिये जिन्हें लाभान्वित किया जा रहा है वे मंत्री जी के काफी नजदीकी भी हैं। सरकार द्वारा यह योजना सीधे आम एवं गरीब लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए चलाई जा रही है, ऐसे में इसका लाभ लोगों को ना मिलने से सरकार की छवि धूमिल हो रही है। इसम मामले में जांच करा कर अविलंब कार्रवाई की जानी चाहिए।’ उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कुछ महीने पहले योगी सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी थी। राजभर ने यह दावा किया था कि प्रदेश की मौजूदा सरकार में भ्रष्टाचार बढ़ गया है। बीजेपी की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के अध्यक्ष राजभर ने यह भी कहा था कि उनकी पार्टी को मौजूदा सरकार में उचित सम्मान नहीं मिल रहा है।