Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में अभी से सियासी घमासान शुरू होने की आहट मिलती दिख रही है। इस बीच बीजेपी और आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों ने बुधवार को दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) द्वारा आयोजित की गई एक सार्वजनिक सुनवाई के दौरान गुंडागर्दी और एक-दूसरे के खिलाफ हिंसा के आरोप लगाए। इस दौरान जहां AAP विधायकों ने दावा किया कि राज्य सरकार ने पिछले चार वर्षों में बिजली दरों में वृद्धि नहीं की है, वहीं BJP नेताओं ने यह कहते हुए पलटवार किया कि केजरीवाल सरकार निजी कंपनियों को लाभ पहुंचा रही है। इन सबके बीच 10.30 बजे से शुरू होने वाली जनसुनवाई दोपहर 1 बजे के करीब हो सकी। इस दौरान बीजेपी विधायक विजेंद्र गुप्ता, आप विधायक राखी बिड़लान, जरनैल सिंह, सोमनाथ भारती आदि के बीच नोकझोंक हुई।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लोधी रोड के स्कोप कॉम्प्लेक्स सभागार में डीईआरसी (DERC) की जनसुनवाई चल रही थी लेकिन तभी आप विधायक नितिन त्यागी और बीजेपी विधायक विजेंद्र गुप्ता आमने-सामने आ गए। इस बीच दोनों के समर्थक हंगामा करने लगे और फिर धक्कामुक्की शुरू हो गई। आरोप है कि इस बीच किसी ने विजेंद्र गुप्ता के हाथ से याचिका छीनकर फाड़ दी। जिसके बाद जनसुनवाई हंगामें तब्दील हो गई। इस दौरान विजेंद्र गुप्ता ने कहा, “मुझे DERC के समक्ष याचिका दायर करने से जबरन रोका गया। AAP विधायक जरनैल सिंह ने मेरे हाथ से याचिका छीनकर उसे फाड़ दिया। बीजेपी विधायक ओपी शर्मा और जगदीश प्रधान, सेहरावत और अनिल बाजपेयी से हाथापाई की गई। मेरे निजी सहायक को बुरी तरह पीटा गया और उसके कपड़े फाड़ दिए गए। विभिन्न आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियों को मारा गया।”
वहीं आप नेता सौरभ भारद्वाज ने अपने ट्वीट में लिखा कि बीजेपी विधायक जनता के साथ बैठने के लिए तैयार नहीं थे। वह अलग वीआईपी सीट पर बैठे थे, जिसका लोगों ने विरोध किया। हालांकि दोनों पक्षों ने पुलिस से शिकायत करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया है। आप से राखी बिड़लान और बीजेपी से विजेंद्र गुप्ता ने शिकायत दी है।
