मुख्यमंत्री जनता दरबार में जब सिवान का एक शख्स एक ही शिकायत लेकर दोबारा पहुंचा तो बिहार के सीएम नीतीश कुमार का पारा चढ़ गया और अधिकारियों को फटकार लगा दी। सोमवार (11 जुलाई, 2022) को जनता दरबार में शख्स ने कहा कि ये शिकायत मैं पहले भी लेकर आ चुका हूं, इतना सुनते ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि ऐसा कैसे हो रहा है, रिकॉर्ड में चेक करो।
शिकायतकर्ता ने कहा कि यह एक स्कूल की भूमि से जुड़ा मामला है, ये मेरा कोई निजी मामला नहीं है। शिकायतकर्ता ने बताया कि साल 2021 में जनता दरबार में उसने इस मामले में शिकायत की थी। उसने शिकायत में कहा था कि उच्च विद्यालय के खेल के मैदान को प्रबंधन समिति के सचिव के बेटे को बेच दिया गया था। शिकायतकर्ता ने कहा कि पिछली बार सीएम नीतीश कुमार के आदेश के बाद डीएम ने सीओ को मामला देखने के निर्देश दिए थे, लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायतकर्ता का कहना है कि इस जमीन पर कुछ दबंग पक्का मकान बना रहे हैं और आपत्ति उठाने पर शिकायतकर्ता को पहले लालच दिया और फिर उसे धमकी दी गई। इसके बाद, सीएम नीतीश कुमार ने अधिकारियों से सवाल किया कि ऐसा क्यों हुआ है और रिकॉर्ड चेक करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि ऐसा क्यों हुआ कि शिकायतकर्ता को दोबारा आना पड़ा है।
इसके अलावा, बिहार के विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों की समस्या लेकर भी कैमूर जिले का एक युवक अखिलेश कुमार मुख्यमंत्री जनता दरबार में पहुंचा। उसने सीएम को बताया कि वह वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में बीए पार्ट-1 का छात्र है। उसने 2020 में एडमिशन लिया था, लेकिन अभी तक रिजल्ट जारी नहीं किया गया है।
उसने कहा कि जब सालभर के एक सत्र को पूरा करने में 2 साल का समय लगेगा तो तीन साल के कोर्स को पूरा करने में 6 साल का समय लग जाएगा। इस वजह से छात्रों का समय काफी बर्बाद हो जाएगा। बता दें कि बिहार के विश्वविद्यालयों में समय पर परीक्षा और रिजल्ट ना आने की वजह से छात्र काफी परेशान हैं।
