बिहार में लोकसभा सीट बंटवारे से नाराज राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में अब फूट पड़ते दिख रही है। कुशवाहा की पार्टी के दो विधायकों और एक एमएलसी ने कहा है कि वो अभी भी एनडीए का हिस्सा बने रहेंगे। इन नेताओं ने व्यक्तिगत हित के लिए कुशवाहा पर एनडीए से अलग होने का आरोप लगाया है।
राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के विधायक सुधांशु शेखर, ललन पासवान और एमएलसी संजीव श्याम ने उपेंद्र कुशवाहा के एनडीए से अलग होने के बाद प्रेस कांफ्रेस में कहा कि हम तीनों साथ हैं और एनडीए में हैं। इन लोगों ने दावा किया कि उनका गुट ही असली राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी है। एमएलसी संजीव श्याम ने कहा कि विधानमंडल में रालोसपा के तीन ही सदस्य हैं। उन्होंने कुशवाहा पर व्यक्तिगत कारणों से एनडीए छोड़ने का आरोप लगाया। पार्टी के सिंबल और ऑफिस की बात पर उन्होंने कहा कि हम लोग इस पर अपना दावा करते है, जरूरत पड़ने पर चुनाव आयोग तक जाएंगे।
बिहार सरकार में हिस्सेदारी को लेकर एमएलसी संजीव श्याम ने कहा कि रालोसपा एनडीए का हिस्सा है। बिहार सरकार में हिस्सेदारी नहीं मिलने से हमारे कार्यकर्ताओं में निराशा है। उन्होंने विधायक सुधांशु शेखर को मंत्री बनाये जाने की वकालत की है।
बता दें कि रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा पार्टी 2014 में हुए आम चुनाव के पहले से एनडीए का हिस्सा थी। तब चुनाव में पार्टी को तीन सीट पर जीत मिली थी। हाल ही में नितीश कुमार की जदयू और बीजेपी ने समान सीट पर 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया। इस दौरान कुशवाहा ने अपनी पार्टी के लिए ज्यादा सीट की मांग की, लेकिन मांग पूरी न होते देख वह एनडीए से अलग हो गए। इससे पहले उन्होंने बीजेपी और जदयू पर जमकर हमला बोला था।

