पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मुलाकात की है। इस मुलाकात के खत्म हो जाने के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि हम दोनों भाई साथ ही हैं लेकिन राजनीतिक रूप से दोनों भाई अलग-अलग है। उपेंद्र कुशवाहा और नीतीश कुमार के मुलाकात पर पार्टी के वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा है कि उपेंद्र कुशवाहा पार्टी के काफी दिनों तक सदस्य रहे हैं और उनका मिलना नीतीश कुमार से शुभ संकेत है वह कब तक पार्टी में लौटेंगे यह तो फैसला उन्हें करना है।
यहां आपको बता दें कि सीएम नीतीश कुमार औऱ उपेंद्र कुशवाहा की यह मुलाकात करीब 1 घंटे तक चली। इस दौरान जदयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह भी सीएम आवास पर मौजूद थे। इस मुलाकात ने राज्य में सियासी हलचल जरुर बढ़ा दी है। हालांकि उपेंद्र कुशवाहा ने इस मुलाकात के बाद मीडिया से कहा कि ‘व्यक्तिगत तौर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से रिश्ते कभी खराब नहीं रहे। राजनीति अलग- अलग है, जो चल रही है। भाई के रूप में हम कभी अलग नहीं हुए है। हम साथ हैं। हम दोनों अपनी राजनीति करते हैं। ये व्यक्तिगत मुलाकात थी, जिसके मायने नहीं निकाले जाने चाहिए। मुलाकात तो मुलाकात है, कैसी रही ये नही कह सकते। व्यक्तिगत संबंध कहीं भी किसी से रहता है।’
यहां आपको बता दें कि उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा की पार्टी साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बुरी तरह से हारी थी। इतना ही नहीं उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी पिछले साल राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में महागठबंधन का भी हिस्सा थी। लेकिन रालोसपा राज्य के चुनाव में एक भी सीट हासिल नहीं कर पाई थी।
उपेंद्र कुशवाहा के नीतीश कुमार से पुराने रिश्ते रहे हैं। कई राजनीतिक विशलेषक इस मुलाकात के बाद यह भी कयास लगा रहे हैं कि रालोसपा का जदयू भी विलय हो जाएगा। इन कयासों को इस बात से भी बल मिलता है कि बैठक में शामिल रहे वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि वो (उपेंद्र कुशवाहा) जदयू परिवार के सदस्य हैं। अलग भी रहे तो हममें कोई वैचारिक भिन्नता नहीं रही। यह स्वाभाविक मिलन है। अगर वह जदयू में आना चाहते हैं तो यह भी स्वाभाविक है। आपलोग थोड़ा इंतजार कीजिए, अच्छी सूचना मिलेगी।
