बिहार में सीएम नीतीश कुमार और मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद सरकार में मंत्रालयों का बंटवारा कर दिया गया है। पहली बार मुख्यमंत्री के पास गृह मंत्रालय नहीं है। प्रदेश के उपमुख्‍यमंत्री और भाजपा नेता सम्राट चौधरी को गृह विभाग की जिम्‍मेदारी दी गई है। जैसा कि ज़्यादातर राज्यों में होता है, पारंपरिक रूप से गृह विभाग मुख्यमंत्रियों के पास ही रहता है क्योंकि इससे कानून-व्यवस्था और पुलिस पर सीधा नियंत्रण मिलता है पर बिहार में इस बार ऐसा नहीं हुआ है।

बिहार में सरकार में बड़ा बदलाव हुआ है और पहली बार गृह मंत्रालय भाजपा के पास चला गया है। हालांकि, कुछ राज्यों में ऐसा है जहां गृह विभाग उप-मुख्यमंत्री या कैबिनेट मंत्री के पास होता है।

गुजरात में मुख्यमंत्रियों ने आमतौर पर गृह मंत्रालय अपने पास रखा है

गुजरात में जहां भाजपा 1998 से सत्ता में है, मुख्यमंत्रियों ने आमतौर पर गृह मंत्रालय अपने पास रखा है। वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी हाल ही में हुए मंत्रिमंडल फेरबदल तक इस विभाग को अपने पास रखा जब इसे उप-मुख्यमंत्री हर्ष संघवी को सौंप दिया गया। सूत्रों ने बताया कि पटेल ने अपना बोझ हल्का करने की कोशिश की, जिसके चलते यह फेरबदल किया गया। एक भाजपा नेता ने कहा कि भाजपा सरकार में किसी मुख्यमंत्री द्वारा गृह विभाग अपने कैबिनेट सहयोगी को सौंपने का यह एक दुर्लभ उदाहरण है।

पढ़ें- नीतीश कुमार ने इकलौते मुस्लिम मंत्री को दिया ये अहम मंत्रालय

इन राज्यों में भी सीएम के पास नहीं है होम मिनिस्ट्री

कांग्रेस शासित कर्नाटक में, गृह मंत्रालय (खुफिया विभाग को छोड़कर) मंत्री जी परमेश्वर के पास है। सूत्रों ने बताया कि 2023 में सरकार बनने पर पार्टी में उनके कद के अनुरूप उन्हें यह मंत्रालय दिया गया है। परमेश्वर इससे पहले भी 2015 से 2017 तक गृह मंत्रालय संभाल चुके हैं। वहीं, आंध्र प्रदेश में जहां तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) भाजपा और पवन कल्याण की जनसेना पार्टी (जेएसपी) के साथ मिलकर शासन कर रही है, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने गृह मंत्रालय विधायक अनिता वंगालापुडी को दे दिया है लेकिन कानून-व्यवस्था का विभाग अपने पास ही रखा है।

छत्तीसगढ़ में गृह मंत्रालय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के बजाय उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा के पास है। दिल्ली में जहां भाजपा इस साल फरवरी में 27 साल बाद सत्ता में लौटी, रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री बनीं लेकिन गृह मंत्रालय जनकपुरी से विधायक आशीष सूद को सौंप दिया गया। सूद बिजली, शहरी विकास, शिक्षा, उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा विभाग भी संभालते हैं। वहीं, पुडुचेरी में मंत्री ए नमस्सिवायम के पास गृह मंत्रालय है।

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी है ये पैटर्न

कई पूर्वोत्तर राज्यों में गृह संबंधी कार्यों को कई मंत्रियों के बीच विभाजित किया गया है जैसा कि आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों पर दर्शाया गया है। अरुणाचल प्रदेश में गृह विभाग मुख्यमंत्री पेमा खांडू के पास नहीं है बल्कि मंत्री मामा नतुंग के पास है जो गृह और अंतर-राज्यीय सीमा मामलों की देखरेख करते हैं। असम में, जहां वर्तमान सरकार 2021 में बनी है, गृह मंत्रालय को सीएम हिमंत बिस्वा सरमा और मंत्री रूपेश गोवाला के बीच विभाजित किया गया है जो जेल, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा और अन्य विषयों को संभालते हैं।

मेघालय में, मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा के पास गृह (राजनीतिक) विभाग है। गृह (पुलिस) विभाग उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन तिनसॉन्ग के पास है, गृह (नागरिक सुरक्षा और गृह रक्षक) मंत्री ब्रेनिंग ए संगमा के पास है, और गृह (पासपोर्ट) मंत्री वैलादमिकी शायला के पास है। मिजोरम में मंत्री पु के सपदांगा के पास गृह विभाग है जबकि नागालैंड में उपमुख्यमंत्री वाई पैटन गृह और सीमा मामलों का प्रबंधन करते हैं।

पढ़ें- बिहार में पहली बार सीएम नीतीश कुमार के पास नहीं होगा गृह विभाग