बिहार में बेहद खराब चुनावी प्रदर्शन के बाद कांग्रेस को बहुत बड़ा झटका लगा है। बिहार महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सरवत जहां फातमा ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके पीछे उन्होंने वजह बताई है कि टिकटों के बंटवारे में उनकी अनदेखी की गई। फातमा ने पार्टी नेतृत्व और बिहार कांग्रेस के बड़े नेताओं पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

विधानसभा चुनाव में महागठबंधन का प्रदर्शन बहुत खराब रहा और उसे सिर्फ 35 सीटें मिली। इसमें से भी कांग्रेस 61 सीटों पर चुनाव लड़कर सिर्फ 6 सीटों पर ही जीत दर्ज कर सकी।

फातमा का कहना है कि विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट बंटवारे में उनके साथ नाइंसाफी की गई और महिलाओं को भी उचित भागीदारी नहीं दी गई। उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंप दिया है।

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क्या कहा इस्तीफे के पत्र में?

इस्तीफे के पत्र में फातमा ने कहा है कि बिहार के विधानसभा चुनाव में महिलाओं को सिर्फ 8% प्रतिनिधित्व दिया गया। चुनाव के नतीजे बेहद निराशाजनक रहे और इसके लिए वह खुद को भी जिम्मेदार मानती हैं।

फातमा ने कहा है कि पिछले 28 महीनों में बिहार प्रदेश महिला कांग्रेस संगठन में बूथ से लेकर जिला स्तर तक टीमें बनाई गई, घर-घर संपर्क अभियान चलाया गया और ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को संगठन से जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हमेशा ‘आधी आबादी पूरा हक’ और महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिलाने के वादे को प्रमुखता से उठाते हैं लेकिन इस बार महिलाओं को केवल 8% टिकट दिया गया और ऐसा होना बेहद दुखद है।

फातमा ने कहा है कि वह आगे भी कांग्रेस पार्टी की विचारधारा और महिलाओं के अधिकार के लिए मजबूती से काम करती रहेंगी।

शकील अहमद ने छोड़ दी थी पार्टी

कुछ दिन पहले ही कांग्रेस को बिहार में एक और बड़ा झटका लगा था। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद ने पार्टी छोड़ दी थी। शकील अहमद ने लिखा था कि वह बहुत दुखी मन से कांग्रेस पार्टी छोड़ रहे हैं। 

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