बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार को एक महिला कांस्टेबल की कथित रूप से डेंगू से हुई मौत के बाद पुलिसकर्मियों ने अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पुलिस लाइन में जमकर हंगामा मचाया। इस दौरान आक्रोशित पुलिसकर्मी कानून को हाथ में लेकर सड़कों पर उतर गए और उन्होंने आसपास की दुकानों को जबरदस्ती बंद करवाया और आम लोगों की पिटाई भी की।
पुलिस के अनुसार, पटना पुलिस लाइन में एक महिला कांस्टेबल की शुक्रवार को डेंगू से मौत हो गई। मृतक एक निजी अस्पताल में भर्ती थी। इस घटना के बाद पुलिस लाइन के कई पुलिसकर्मी आक्रोशित हो गए। उन्होंने उच्च पदाधिकारियों पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए पुलिस लाइन में जमकर हंगामा किया। वहां खड़े सभी वाहनों में तोड़फोड़ की। हंगामा करने में कई महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं।
अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) एस.के. सिंघल ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं तथा स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान कर उन पर कार्रवाई की जाएगी। इस मामले को लेकर तेजस्वी यादव ने ट्ववीट के जरिये बिहार सरकार पर हमला बोला है।
बिहार में पुलिस ने की बग़ावत। सिपाहियों ने SP-DSP को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।
नीतीश की नाक के बाल कुछ उच्च पुलिस अधिकारी पुलिस बल में कार्यरत ग़रीबों और किसानों के बेटियों और बेटों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे है। बिहार में अपराधी राज है। ईमानदार सिपाही बेईमान अफ़सरशाही से परेशान है। pic.twitter.com/hg9O0W2P7t
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) November 2, 2018
बिहार के पुलिस महानिदेशक के. एस. द्विवेदी ने कहा कि हंगामा करने वाले प्रशिक्षु कांस्टेबल थे। इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि जिस किसी ने भी कानून को हाथ में लेने की कोशिश की है, उस पर कार्रवाई की जाएगी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गुस्साए पुलिसकर्मियों ने नगर पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक और सार्जेट मेजर की भी पिटाई की। लाठी और डंडे से लैस पुलिसकर्मियों ने अधिकारियों को खदेड़ दिया है और गाड़ियों को तोड़ डाला है। इस दौरान मीडियाकर्मियों को भी निशाना बनाया गया तथा उनके कैमरे तोड़ दिए गए।
इसके बाद आक्रोशित पुलिसकर्मी सड़क पर उतर आए और उन्होंने हंगामा किया। आम लोग जब आक्रोशित हुए तब सभी पुलिसकर्मी पुलिस लाइन में लौट गए। इस दौरान दोनों ओर से पथराव हुआ। आक्रोशित पुलिसकर्मियों का आरोप है, उन्हें जरूरी कार्य तक के लिए छुट्टी नहीं दी जाती है। मृतका का भी छुट्टी न मिलने के कारण सही ढंग से इलाज नहीं हो पाया, जिससे उसकी मौत हो गई।

