अध्योध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार कानून बनाए। राष्टÑीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भैया जी जोशी ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में विराट धर्म सभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार से यह मांग की। भैया जी जोशी ने कहा कि हम भीख नहीं मांग रहे हैं। हमें विश्वास है कि इस मामले में सकारात्मक पहल होगी। उन्होंने कहा कि हम संघर्ष नहीं चाहते। संघ चाहता है कि मंदिर के लिए सद्भावना से काम हो। उन्होंने कहा कि बिना संकोच मंदिर निर्माण के संकल्प को पूरा करने का समय आ गया है। इसके लिए संविधान का मार्ग है। संसद का अधिकार व दायित्व है कि वह कानून बनाने की पहल करे और मंदिर निर्माण की बाधाओं को दूर करे।
जोशी ने कहा कि हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट उचित कदम उठाएगा और भावनाओं का सम्माान होगा। राम मंदिर निर्माण देश के 125 करोड़ हिंदुओं के स्वाभिमान का मामला है। सत्ता में बैठे लोगों ने भी घोषणा की है कि मंदिर वहीं बनाएंगे। अब संकल्प पूरा करने का वक्त आ गया है। देश राम राज्य चाहता है। राम राज्य का अभिप्राय न्याय, सुरक्षा व विकास से है। इस विराट धर्म सभा की अध्यक्षता अवधेशानंद गिरि महाराज ने की। विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष सदाशिव कोकजे ने कहा कि बार-बार राम मंदिर को चुनावी मुद्दा कहा जा रहा है, लेकिन यह चुनावी मुद्दा नहीं है। देश में हर छह महीने में कहीं न कहीं चुनाव हो रहे हैं। तो क्या हम चुनाव की वजह से राम मंदिर के लिए हाथ पर हाथ धरकर बैठे रहें। अनंतकाल तक न्यायालय का इंतजार नहीं किया जा सकता।लोकतंत्र सर्वोपरि है, इसलिए हम कानून बनाने की बात कर रहे हैं। वहीं स्वामी हंस देवाचार्य ने कहा कि सरकार ने घोषणा की थी कि मंदिर बनाएंगे। इसलिए जब तक अध्योध्या में मंदिर का निर्माण नहीं होता, तब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गद्दी से उतरने नहीं दिया जाएगा, ताकि वे भी मंदिर निर्माण के लिए बाध्य हो जाएं। उन्होंने कहा कि आज रामलीला मैदान में केवल दिल्ली व एनसीआर के संत व कार्यकर्ता हैं। जल्द ही प्रयाग की धरती पर 31 जनवरी व एक फरवरी को संत एक बार फिर से एकत्र होंगे जहां राम मंदिर पर फिर से बात होगी।
विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि 68 साल से हिंदू राम मंदिर के लिए इंतजार कर रहे हैं। हमने धैर्य रखा हुआ था लेकिन कोई फैसला नहीं हुआ। मंदिर निर्माण के लिए केवल मात्र एक ही रास्ता है कि कानून बनाया जाए। राम मंदिर निर्माण के लिए 2014 के चुनाव में भी एलान किया गया था इसलिए भाजपा को समर्थन मिला था। जो भी राम के विरोध में खड़ा होगा, उसे आने वाले चुनाव में जनता का आक्रोश झेलना होगा। विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा कि यह जनसैलाब हिंदुस्तान को बताने आया है कि हमारी प्राथमिकता को समझो। हमें कानून के मुताबिक मंदिर चाहिए। हमें किसी भी प्रकार का बंटवारा स्वीकार नहीं है। जो मॉडल करोड़ों रुपए खर्च करके तैयार किया गया है, उस मॉडल को ही लागू किया जाए। संसद के शीतकालीन सत्र से कुछ दिन पहले विश्व हिंदू परिषद की रैली में देश भर से विभिन्न राज्यों से लोग शामिल होने पहुंचे। अयोध्या में संबंधित भूमि के मालिकाना हक का वाद सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। अगले साल जनवरी में अदालत सुनवाई के तारीख की घोषणा करेगी।
