सर्दियों के मौसम को आमतौर पर सब्जियों की भरपूर आवक और कम दामों के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार टमाटर के बढ़ते दामों ने खरीदारों को हैरान कर दिया है। एशिया की सबसे बड़ी थोक मंडी आजादपुर में टमाटरों की आवक सामान्य से 50 फीसद घट गई है। इसकी वजह मध्यप्रदेश के शिवपुरी में टमाटर की पैदावार पर कीड़ों का प्रकोप, अक्तूबर की बारिश और शादियों के लंबे मौसम से बढ़ी मांग बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, सर्दियों में आजादपुर मंडी में सबसे अधिक टमाटर शिवपुरी से पहुंचते हैं और इनके दाम नासिक व बंगलुरु के टमाटरों की तुलना में कम रहते हैं। लेकिन इस बार मौसम की मार और लगातार बारिश से न सिर्फ पैदावार घट गई, बल्कि टमाटरों में भारी कीड़ा भी देखने को मिला है। किसानों की हालत यह है कि कइयों को अपनी लागत भी निकालना मुश्किल हो गया है।
मंडी में 40 रुपए प्रति किलो चल रहा है टमाटर
मंडी के आढ़तियों के अनुसार, जहां पहले हर दिन 35-40 गाड़ियां टमाटर लेकर मंडी में आती थीं, वहीं अब यह संख्या घटकर केवल 15-20 गाड़ियों तक सिमट गई है। बंगलुरु से तो कभी-कभार सिर्फ एक गाड़ी ही पहुंच पा रही है। शिवपुरी के टमाटरों का थोक भाव इस समय करीब हजार रुपए प्रति पेटी (25 किलो) यानी 40 रुपए प्रति किलो चल रहा है। वहीं नासिक और बंगलुरु के टमाटरों की पेटी 1400-1500 रुपए में बिक रही है, यानी 56-60 रुपए प्रति किलो। खुदरा बाजार में हालात और भी कड़े हो गए हैं।
शिवपुरी का टमाटर 70-80 रुपए प्रति किलो बिक रहा है, जबकि नासिक व बंगलुरु का टमाटर 100-120 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। आढ़तियों का कहना है कि इस बार शादी का मौसम लंबा है, जिससे मांग में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। बढ़ी हुई मांग और घटती आवक के कारण जल्द दाम गिरने की उम्मीद नहीं है।
30 हजार से ज्यादा पुरानी गाड़ियों का पंजीकरण रद्द, लोगों की बढ़ी परेशानी
आजादपुर मंडी के फलों और सब्जी व्यापार संघ के महासचिव अनिल मल्होत्रा के अनुसार, दस से पंद्रह दिनों में टमाटर के दामों में थोक स्तर पर 26 फीसद और खुदरा में 50 फीसद तक वृद्धि दर्ज की गई है। मौसम की अनियमितता और कीड़ों के हमले से शिवपुरी के किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। यही कारण है कि जो टमाटर सामान्य दिनों में 25-30 रुपए प्रति किलो बिकते थे, वे आज 40-60 रुपए में थोक में उपलब्ध हैं।
