दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर पर चीफ सेक्रेटरी अंशु प्रकाश के साथ आप विधायकों द्वारा कथित हाथापाई के मामले में पार्टी ने अपना पक्ष रखा है। आम आदमी पार्टी ने अफसर के साथ किसी किस्म की मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी ने उल्टे यह आरोप लगाया है कि आप के एक मंत्री के अलावा उसके नेताओं के साथ ही मारपीट की गई। पार्टी की ओर से आतिशी मार्लेना, आशीष खेतान और कुछ दूसरे नेताओं ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। खेतान ने आरोप लगाया कि 150 लोगों की भीड़ ने उन्हें सचिवालय के दूसरे फ्लोर पर घेर लिया और हाथापाई की। खेतान के मुताबिक, वह लिफ्ट का इंतजार कर रहे थे कि 30 से 35 लोग मारो-मारो कहते हुए आए। आप नेता के मुताबिक, इन लोगों ने न केवल नारेबाजी की, बल्कि आप सरकार के मंत्री इमरान हुसैन और उनके स्टाफ पर भी हमला किया।
खेतान के मुताबिक, उनको बचाने में उनके स्टाफ को चोटें आई हैं। आप नेता ने दिल्ली पुलिस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके और आप मंत्री के साथ मारपीट करने वाले लोगों को रोकने के लिए पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि सारी घटना सीसीटीवी में कैद है। उधर, पार्टी की ओर से एक वीडियो शेयर करके दावा किया गया है कि इसमें भीड़ आप के मंत्री के साथ मारपीट कर रही है।
On tape: Minister Imran and his APS Himanshu heckled and thrashed at Secretariat. More video proof coming. pic.twitter.com/1EMVQGst12
— arunoday (@arunodayprakash) February 20, 2018
पार्टी ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह को भी निशाने पर लिया। आतिशी मार्लेना ने कहा कि मिलने का वक्त मांगने पर गृह मंत्रालय उनके साथ भेदभाव कर रहा है। बता दें कि गृह मंत्री ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि वह आहत हैं। पार्टी के मुताबिक, राजनाथ सिंह का बयान राजनीति से प्रेरित है। इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी का आरोप है कि बीजेपी की शह पर यह घटना हुई है।

