दिल्ली प्रदेश कांग्रेस ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार पर अपनी पार्टी के लिए राउज एवेन्यू पर जमीन आबंटित करने के लिए उपराज्यपाल से मंजूरी लेने के शहरी विकास विभाग के सुझाव के बावजूद अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाने का आरोप लगाया। वहीं इस मसले पर आप ने कहा कि यह ऐसे फैसले करने के सरकार के दायरे के अंतर्गत ही है।
माकन ने कहा, ‘जमीन का अधिकार आरक्षित विषय है और यह फैसला स्पष्टत: दिल्ली सरकार की शक्तियों के बाहर का है। शहरी विकास विभाग ने उपराज्यपाल के हस्तक्षेप का सुझाव दिया, उसके बाद भी आप की अगुआई वाली सरकार मंत्रिमंडल के फैसले के साथ आगे बढ़ गई’। उन्होंने कहा कि उन्होंने उपराज्यपाल से इस मुद्दे की सीबीआइ जांच का अनुरोध करते हुए उन्हें पत्र भी लिखा है।  सरकार ने राउज एवेन्यू स्थित एक बंगले को पार्टी कार्यालय में तब्दील कर दिया है जहां पहले आप के बर्खास्त मंत्री आसिम अहमद खान रहते थे। माकन ने कहा कि 27 नवंबर को सौंपी गई शुंगलू समिति की रिपोर्ट पर कुछ नहीं किया गया है। उपराज्यपाल द्वारा गठित शुंगलू पैनल ने फरवरी, 2015 से आप सरकार द्वारा किए गए फैसलों से जुड़ी 400 से अधिक फाइलें खंगाली थीं। हमारी समझ है कि कम से कम 200 बड़े उल्लंघन किए गए हैं। वहीं आप प्रवक्ता रिचा पांडे मिश्रा ने माकन के दावे को बेबुनियाद बताकर खारिज कर दिया।

AAP पर निशाना साधते हुए माकन बोले कि 206राउज एवेन्यू  में 14 एसी लगे हुए हैं जबकि वो एसी और फर्नीचर मंत्री को मिले थे और ये सब पार्टी ने हड़प लिए हैं। ये कुछ वैसे ही है, जैसे एमसीडी किसी पार्क पर कब्जा करके बीजेपी को दे दे। माकिन ने निर्भया गैंगरेप केस को भी दिल्ली के हालात को जोड़ा और कहा कि दिल्ली में महिलाओं की स्थिति और ज्यादा बदतर हुई है, लॉ एंडऑर्डर केंद्र के पास है लेकिन सोशल वेलफेयर मिनिस्ट्री तो दिल्ली सरकार के पास है, आखिर महिलाओं के लिए हेल्पलाइन को क्यों बंद किया गया, ना ही कहीं सीसीटीवी हैं और ना बसों में गार्ड हैं। गौरतलब है 2012 में 16 दिसंबर को निर्भया गैंगरेप हुआ था और उसी दिन 2016 में भी एक लड़की लिफ्ट के बहाने रेप किया गया।