उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को राज्य के आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के साथ गठबंधन से कोई परहेज नहीं है। अखिलेश की मंशा शुक्रवार को उस वक्त सामने आई जब उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन हो तो 403 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा में 300 से ज्यादा सीटें हासिल की जा सकती हैं। हालांकि, अखिलेश ने साफ कर दिया कि मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ गठबंधन नहीं हो सकता। पिछले महीने ही समाजवादी पार्टी (सपा) सुप्रीमो और अखिलेश के पिता मुलायम सिंह यादव ने चुनाव पूर्व गठबंधन से इनकार किया था और जोर देकर कहा था कि अब सिर्फ विलय ही हो सकते हैं। कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की पहले मुलायम और फिर खुद अखिलेश से हुई मुलाकात की पृष्ठभूमि में कांग्रेस के साथ संभावित चुनावी गठबंधन के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि गठबंधन पर आखिरी फैसला सपा सुप्रीमो को ही लेना है और वे सिर्फ अपने सुझाव दे सकते हैं। अखिलेश ने यह संकेत भी दिए कि गठबंधन की सूरत में कांग्रेस को स्वीकार करना होगा कि चुनाव लड़ने के लिए उसे उसकी इच्छा से थोड़ी कम सीटें मिलेंगी क्योंकि नफा-नुकसान सोचते रहने से गठबंधन नहीं चल सकेगा। उन्होंने मायावती पर भी पलटवार करते हुए कहा कि उनकी दिक्कत यह है कि बसपा सत्ता में आने की स्थिति में नहीं है और वे अब उन्हें बुआ नहीं कहेंगे।
दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए 43 साल के अखिलेश ने नोटबंदी के मुद्दे पर मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया और अमर सिंह सहित सपा के भीतर अपने प्रतिद्वंद्वियों पर भी निशाना साधा। यह पूछे जाने पर कि क्या अमर सिंह भी मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं, उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा सपना है। बहरहाल, अखिलेश ने जोर देकर कहा कि अब उनकी नजर अर्जुन की तरह सिर्फ एक लक्ष्य पर टिकी है और वह है राज्य में फिर से सरकार बनाना। उन्होंने कहा कि गठबंधन पर अंतिम फैसला करना कांग्रेस पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह से मिलने के बाद किशोर ने उनसे मुलाकात की थी।
अखिलेश ने कहा-जब भी गठबंधन होता है तो किसी न किसी को स्वीकार करना होता है कि उसे (लड़ने के लिए) थोड़ी कम सीटें मिलेंगी। यदि आप नफा-नुकसान के बारे में सोचते रहेंगे तो यह नहीं चलेगा। खैर, हम फिर से पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाने जा रहे हैं और यदि वे (कांग्रेस) भी साथ आते हैं तो हम 300 का आंकड़ा पार कर जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह किशोर को यह बात बता चुके हैं। अखिलेश ने मायावती की बसपा के साथ किसी तरह के गठबंधन से इनकार करते हुए कहा कि बसपा तीन बार भाजपा के साथ मिलकर सरकार बना चुकी है और मायावती कुछ भाजपा नेताओं को राखी बांधा करती थीं। मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि इसने हर किसी को कतार में खड़ा करवा दिया है। उन्होंने सवाल किया कि मोदी को वोट देने वालों के लिए क्या यही अच्छे दिन हैं। नोटबंदी के बारे में अखिलेश ने कहा कि इसने अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है।

