आगरा पुलिस ने जिस महिला को ‘मनुस्मृति जलाने’ के आरोप में गिरफ्तार किया था, उसका कहना है कि यह कार्रवाई तीन साल पुराने वीडियो को लेकर की गई है। महिला का एक वीडियो 26 दिसंबर को वायरल हुआ था, जिसमें उसे कथित तौर पर मनुस्मृति जलाते हुए दिखाया गया था।

महिला का नाम प्रियंका वरुण है और वह आगरा की रहने वाली है। प्रियंका वरुण ने खुद को भारतीय महिला सुरक्षा संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष बताया है। यह ऑटिज्म से पीड़ित महिलाओं और बच्चों की सहायता करने वाला गैर सरकारी संगठन है।

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जमानत पर कर दिया रिहा

आगरा के शाहगंज पुलिस स्टेशन के एसएचओ बीपी गिरी ने बताया, “हमने प्रियंका वरुण को 30 दिसंबर को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उन्हें उसी दिन मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।”

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

पुलिस ने प्रियंका वरुण के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। महिला के खिलाफ आईटी एक्ट की धाराओं के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है। एसएचओ ने बताया कि हाल ही में इस वीडियो के वायरल होने के बाद ही इसके बारे में पता चला।

इस मामले में सब-इंस्पेक्टर डीएम पांडे ने शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और कानूनी कार्रवाई शुरू की क्योंकि मनुस्मृति को जलाए जाने के वीडियो से सामाजिक सद्भाव और शांति का माहौल खराब हो सकता था क्योंकि कई लोगों ने वीडियो के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, लोगों ने दावा किया था कि इससे उनकी धार्मिक आस्था को ठेस पहुंची है।

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