Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के महू कस्बे के पट्टी बाजार और चंदर मार्ग इलाकों में कथित तौर पर दूषित पानी पीने के बाद कम से कम 22 लोग बीमार पड़ गए। अधिकारियों के अनुसार, उनमें से 9 का वर्तमान में अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि अन्य का इलाज घर पर किया जा रहा है।

महू छावनी बोर्ड के सेनेटरी सुपरिटेंडेंट मनीष अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया, “सभी मरीज, जिनमें अधिकतर बच्चे थे, मितली और उल्टी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती हुए। उनके खून के सैंपलों की जांच करने पर पता चला कि वे पीलिया से पीड़ित हैं और उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों का मानना ​​है कि यह दूषित पानी के कारण हो सकता है। छावनी बोर्ड और स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों का प्रारंभिक सर्वेक्षण करने के लिए पट्टी बाजार और मोतीमहल क्षेत्रों में पहुंच चुकी हैं।”

इंदौर के कलेक्टर ने किया शहर का दौरा

इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्थिति का जायजा लेने के लिए शहर का दौरा किया। चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. माधव हसनी ने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों को तैनात करने का निर्देश दिया और शहर में पानी के सैंपल इकट्ठा किए जा रहे हैं। वर्मा ने अस्पताल में मरीजों से मुलाकात के बाद पत्रकारों को बताया, “मरीजों का इलाज चल रहा है और प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल कोई भी मरीज गंभीर हालत में नहीं है।

ये भी पढ़ें: क्या मिला सबसे स्वच्छ शहर का तमगा लेकर?

भागीरथपुरा के एक और व्यक्ति की मौत

भागीरथपुरा में एक और व्यक्ति की मौत की खबर है। भागीरथपुरा के रहने वाले बद्रीप्रसाद लिटोरिया का शुक्रवार दोपहर एक प्राइवेट हॉस्पिटल में करीब एक हफ्ते इलाज चलने के बाद निधन हो गया। उनके परिवार का आरोप है कि इलाके में दूषित पानी पीने की वजह से उनकी मौत हुई है। मृतक के बेटे शैलेंद्र ने टॉइम्स ऑफ इंडिया को बताया, “मेरे पिता इससे पहले स्वस्थ थे। इलाके में आपूर्ति किए गए पानी को पीने के बाद वे बीमार पड़ गए। दूषित पानी ने उनकी जान ले ली।” हालांकि, जिला प्रशासन ने मृत्यु का कारण दस्त को नहीं बताया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया है कि दूषित पानी के कारण 27 लोगों की मौत हो चुकी है।

ये भी पढ़ें: जहरीला पानी, बढ़ते मरीज और दबाव में स्वास्थ्य सेवाएं