2019 लोकसभा चुनाव करीब हैं। आम आदमी पार्टी भी तैयारियों में जोर शोर से लगी है। अमूमन जातिवाद की राजनीति का विरोध करने वाली आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने चुनाव से पहले अपना सरनेम बदल लिया है। पहले आतिशी अपने उपनाम के लिए ‘मर्लेना’ का इस्तेमाल करती थीं। यह उपनाम उनके माता पिता ने दिया था जो को कार्लमार्क्स और  व्लादिमिर पुतिन से प्रभावित थे इसलिए मार्क्स और लेनिन से मिलकर आतिशी का उपनाम ‘मर्लेना’ बना था। बीते दिनों ऐसी अफवाहें थीं कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) समर्थक आतिशी के उपनाम को लेकर उन्हें क्रिश्चियन और विदेशी घोषित कर रहे थे। आतिशी ने अपना उपनाम मर्लेना बीते अगस्त में हटा दिया था लेकिन इस बार दशहरे के मौके पर पूर्वी दिल्ली के मंडावली में क्षत्रिय समुदाय के एक कार्यक्रम के बैनर में आतिशी का उपनाम ‘सिंह’ लिखा नजर आया। ‘क्षत्रिय विचार मंच मंडावली 26वीं वार्षिक शस्त्र पूजा’ कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी मौजूद थे। माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के लिए पूर्वी दिल्ली से पार्टी की प्रभारी बनाए जाने के बाद आतिशी का उपनाम बदला गया है।

आम आदमी पार्टी की वेबसाइट और आतिशी के सोशल मीडिया हैंडल पर भी उनका उपनाम ‘मर्लेना’ बदलकर ‘सिंह’ कर दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक आतिशी पूर्वी दिल्ली से ही है आम आदमी पार्टी की लोकसभा उम्मीदवार भी हो सकती हैं। आतिशी हालांकि मीडिया से कह चुकी हैं कि नाम में कुछ नहीं रखा है और अब वह अपने पहले का नाम इस्तेमाल कर रही हैं। आतिशी से यह भी कह चुकी है कि वह चुनाव में वह अपना पहला नाम ही इस्तेमाल करेंगी। मजे की बात यह है कि चुनाव से पहले नेताओं के नाम में परिवर्तन करना आम आदमी पार्टी में नई बात नहीं है।

आम आदमी पार्टी में शामिल होने से पहले पत्रकार रहे आशुतोष को हमेशा उनके पहले नाम से ही जाना गया लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले उनका उपनाम ‘गुप्ता’ सामने आया था। बता दें इस बार आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्लीवासियों के घर-घर जाकर वोट और चंदा मांगने का अभियान चला रहे हैं। वह लोगों को अपनी सरकार की उपलब्धियां बताकर वोट और चंदा मांग रहे हैं।