• English English
  • தமிழ் தமிழ்
  • বাংলা বাংলা
  • മലയാളം മലയാളം
  • ગુજરાતી ગુજરાતી
  • हिंदी हिंदी
  • मराठी मराठी
  • Business Business
  • बिज़नेस बिज़नेस

Jansatta

  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • Instagram
LIVE TV
  • होम
  • ताजा खबर
  • राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • राज्य
  • फोटो
  • वीडियो
  • आस्था
  • लाइफस्टाइल
  • हेल्थ
  • टेक्नोलॉजी
  • पैसा
  • एजुकेशन
  • ई-पेपर
  • इन्वेस्टिगेशन स्टोरी
  • सकट चौथ 2026
  • वायरल
  • राशिफल
  • हिन्दू कैलेंडर
  • इन्वेस्टिगेशन स्टोरी
  • सकट चौथ 2026
  • वायरल
  • राशिफल
  • हिन्दू कैलेंडर
  1. Hindi News
  2. Photos
  3. picture gallery
  4. your work is your worship premanand maharaj on karma and dharma

क्यों श्रीकृष्ण ने अर्जुन को संन्यास नहीं, युद्ध करने को कहा? प्रेमानंद महाराज ने गीता के संदेश से समझाया रहस्य

महाभारत का युद्ध शुरू होने से पहले अर्जुन का मन विचलित था। वह अपने ही कुल-गोत्र के लोगों के विरुद्ध हथियार उठाने को तैयार नहीं थे। इसी दुविधा में उन्होंने श्रीकृष्ण से कहा कि वे संन्यास ग्रहण करना चाहते हैं। लेकिन भगवान ने उन्हें युद्ध करने का आदेश दिया।

By: Archana Keshri
Updated: November 20, 2025 12:54 IST
हमें फॉलो करें
  • Arjuna renunciation story
    1/9

    महाभारत के युद्ध से ठीक पहले अर्जुन का मन विषाद और द्वंद्व से भर गया था। वे अपने ही कुल-परिवार, गुरुजनों और रिश्तेदारों के खिलाफ युद्ध करने से विचलित थे। इसी दुविधा में उन्होंने श्रीकृष्ण से कहा कि वे युद्ध के बजाय संन्यास धारण करना चाहते हैं। परन्तु श्रीकृष्ण ने उन्हें संन्यास नहीं, बल्कि कर्तव्य पालन का मार्ग दिखाया। इसी विषय पर प्रेमानंद महाराज ने एक भक्त के प्रश्न का उत्तर देते हुए जीवन का सार समझाया—’संन्यास से अधिक महत्वपूर्ण है अपना कर्तव्य निभाना।’ (Photo Source: Freepik)

  • 2/9

    कर्तव्य ही जीवन का मूल धर्म – ‘स्वधर्मे निधनं श्रेयः’
    प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि मनुष्य को जीवन अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए मिलता है। श्रीमद्भगवद्गीता में श्रीकृष्ण कहते हैं— “स्वधर्मे निधनं श्रेयः, परधर्मो भयावहः।” अर्थात् अपना धर्म निभाते हुए मृत्यु भी श्रेष्ठ है, जबकि दूसरे के धर्म का अनुकरण भयावह होता है। (Photo Source: PremanandJi Maharaj/Facebook)

  • 3/9

    अर्जुन क्षत्रिय थे, और उनका धर्म न्याय की रक्षा के लिए युद्ध करना था। लेकिन युद्ध के ठीक पहले उनके मन में मोह उत्पन्न हुआ और वे संन्यास लेना चाहते थे। कृष्ण ने समझाया कि जब तक अपने निज धर्म का कार्य पूरा नहीं होता, तब तक संन्यास उचित नहीं। जब तक कर्तव्य बाकी है, तब तक कर्म करना ही श्रेष्ठ है। (Photo Source: Freepik)

  • 4/9

    स्मरण में रहकर कर्म करो
    श्रीकृष्ण का संदेश केवल युद्ध तक सीमित नहीं था। वे अर्जुन से कहते हैं— “सर्वदा सर्वकाले निर्युद्ध्य च।” अर्थात् हर समय मेरा स्मरण करते हुए युद्ध करो। प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि यह उपदेश आज के हर व्यक्ति के लिए भी समान रूप से लागू होता है।पने कर्म-पथ पर दृढ़ रहकर, साहस और श्रद्धा से आगे बढ़ें। (Photo Source: Unsplash)

  • 5/9

    उन्होंने आगे कहा, “आप चाहे— डॉक्टर हों, शिक्षक हों, वकील हों, किसान हों, व्यापारी हों… आपका काम ही आपका धर्म है। ईमानदारी, निष्ठा और भगवान के स्मरण के साथ अपना कार्य करना ही वास्तविक पूजा है, और यही परम कर्तव्य भी।” (Photo Source: PremanandJi Maharaj/Facebook)

  • 6/9

    संघर्ष से भागना नहीं, संघर्ष से सीखना चाहिए
    महाराज जी बताते हैं कि जीवन का अर्थ ही संघर्ष और मेहनत है। यदि मनुष्य संघर्ष छोड़ दे, तो उसकी प्रगति रुक जाती है। इसी संघर्ष को महाभारत में ‘युद्ध’ कहा गया है। जैसे अर्जुन अपने वास्तविक धर्म से हटकर संन्यास लेना चाहते थे, वैसे ही जीवन में कठिनाइयों से घबराकर हम भी अक्सर कर्तव्य से दूर भागना चाहते हैं। परन्तु भगवान चाहते हैं कि हम अपने कर्म-पथ पर दृढ़ रहकर, साहस और श्रद्धा से आगे बढ़ें। (Photo Source: Unsplash)

  • 7/9

    संत रविदास जी का उदाहरण
    प्रेमानंद महाराज एक अद्भुत कथा सुनाते हैं, जो कर्म-प्रधान जीवन का श्रेष्ठ उदाहरण है। संत रविदास जी गृहस्थ थे, सामान्य जीवन जीते थे, परंतु अपने कर्म को ही पूजा मानते थे। एक बार उन्होंने एक पंडित से गंगा जी को दो केले अर्पित करने को कहा। जब पंडित ने गंगा में वे केले अर्पित किए, तो गंगा जी का हाथ प्रकट हुआ और उन्होंने पंडित को स्वर्ण कंगन देकर रविदास जी के लिए भेजा। (Photo Source: PremanandJi Maharaj/Facebook)

  • 8/9

    यह चमत्कार दर्शाता है कि— जहा मन शुद्ध है, वहीं ईश्वर विराजते हैं। जहां कर्म शुद्ध है, वहीं पूजा पूर्ण है। संत रविदास का संदेश—“मन चंगा तो कठौती में गंगा”— बताता है कि धर्म स्थानों में नहीं, बल्कि मन की निर्मलता और कर्म की पवित्रता में बसता है। (Photo Source: PremanandJi Maharaj/Facebook)

  • 9/9

    जीवन में कर्म ही पूजा है
    अंत में प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि जैसे अर्जुन का धर्म युद्ध था, वैसे ही हमारा धर्म हमारा कार्य है। ईमानदारी, सत्यता और भगवान के स्मरण के साथ किए गए कर्म ही सच्ची पूजा हैं। भगवान तब प्रसन्न होते हैं जब मनुष्य अपने कर्तव्य से भागता नहीं, बल्कि उसे पूर्ण निष्ठा के साथ निभाता है। इसी कारण श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा— “संन्यास नहीं, अर्जुन… इस समय युद्ध करो। युद्ध करते हुए मेरा स्मरण करो। यही तुम्हारा स्वधर्म है, यही तुम्हारा परम कर्तव्य है।” (Photo Source: PremanandJi Maharaj/Facebook)
    (यह भी पढ़ें: भगवान की मूर्ति खरीदते समय मोल-भाव और तुलना करना सही है? जानिए प्रेमानंद महाराज ने क्या कहा)

TOPICS
krishna
lord krishna
mahabharat
Mahabharata
premanand maharaj
+ 1 More
अपडेट
T20 वर्ल्ड कप के लिए न्यूजीलैंड की टीम का ऐलान: 5 खिलाड़ी फिट नहीं, बीच टूर्नामेंट दो को मिलेगी छुट्टी
SIR 2.0: 12 राज्यों के ड्राफ्ट में कटे 13 प्रतिशत वोटर्स, यूपी में की लिस्ट में सबसे ज्यादा छंटनी
जनसत्ता संपादकीय: दो घंटे का इलाज, अस्सी हजार का बिल और शव पर ताला; निजी अस्पतालों में मौत के बाद का सौदा
जनसत्ता संपादकीय: सड़कों से सत्ता तक अराजकता और टारगेटेड हमले, क्या यही है ‘नया बांग्लादेश’? आखिर किस मोड़ पर आ खड़ा हुआ है देश?
बाजार में सस्ती हो गई है मटर अब भी नहीं बनाएंगे तो कब खाएंगे ‘हरी मटर के पराठे’, नोट करें रेसिपी
Tarot Rashifal 07 January 2026: आज इन राशियों मिलेगा अचानक धन लाभ, बन रहा बुधादित्य योग, जानें दैनिक टैरो राशिफल
विचार: जहरीली हवा से पिघलते पहाड़ों तक, भारत की सांस और भविष्य दोनों खतरे में; झकझोर रहे हैं ‘लैंसेट’ और ‘इमोनीड्स’ के ये सर्वेक्षण
सबसे ज्‍यादा पढ़ी गई
Aaj Ka Panchang 07 January 2026: माघ मास की पंचमी तिथि आज, जानें शुभ मुहूर्त, भद्राकाल और राहुकाल सहित 7 जनवरी का संपूर्ण पंचांग
Fact Check: बर्फबारी में पहाड़ चढ़ रहे लोगों का मेक्सिको का वीडियो भारतीय जवानों का बताकर वायरल
‘लद्दाख को पूरी तरह बर्बाद कर दिया…’, बीजेपी नेता की अलग जम्मू राज्य की मांग पर भड़के उमर अब्दुल्ला
‘पीएम मोदी मुझसे खुश नहीं हैं…’, ये क्या बोल गए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप?
फोटो गैलरी
8 Photos
क्या आपने देखी है जहरीली चिड़िया? देखने में खूबसूरत, मगर छूते ही मार सकता है लकवा, जाने कहां पाई जाती है ये बर्ड
14 hours agoJanuary 6, 2026
11 Photos
नॉर्दर्न व्हाइट राइनो से वाकीटा तक, धरती से मिटने से बस एक कदम दूर हैं ये 10 जानवर
15 hours agoJanuary 6, 2026
10 Photos
मनुष्य 9 महीने बाद ही क्यों जन्म लेता है? क्या गर्भ में आत्मा को पूर्व जन्म का बातें याद रहती हैं
15 hours agoJanuary 6, 2026
और पढ़ें
Terms & Condition Privacy Policy Contact Us
Copyright © 2026 The Indian Express [P] Ltd. All Rights Reserved

  • होम
  • ताजा खबर
  • राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
    • क्रिकेट
    • लाइव क्रिकेट स्कोर
  • राज्य
  • फोटो
  • वीडियो
  • आस्‍था
  • लाइफस्टाइल
  • हेल्थ
  • टेक्नोलॉजी
  • एजुकेशन
  • जुर्म
  • वेब स्टोरी
  • पॉडकास्ट
  • जनसत्ता ई-पेपर
  • ऑटो
  • अंतरराष्ट्रीय
  • ट्रेंडिंग
  • व्यापार
  • विचार
  • राजनीति
  • राशिफल
  • Shorts
  • रील
  • जनसत्ता स्पेशल
  • हमसे संपर्क करें:
  • T&C
  • Privacy Policy
  • About US