-

ग्रीनलैंड, डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा। वेनेजुएला के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दूसरा टारगेट ग्रीनलैंड ही है। दुनिया को शांति का पाठ पढ़ाने वाला अमेरिका अब खुद छोटे-छोटे देशों को अपनी सैन्य ताकत का डर दिखाकर उन पर अपना अधिकार जमाने की कोशिश कर रहा है। (Photo: Pexels)
-
वेनेजुएला में अमेरिका की असली नजर वहां के तेल भंडार और अन्य प्राकृतिक खनिजों पर है। इसके बाद अब ग्रीनलैंड पर उसकी नजर है। अमेरिकी ने कभी ग्रीनलैंड को खरीदने की कोशिश की तो कभी डरा-धमका कर लेकिन अब तक वह असफल रहा। (Photo: Pexels)
-
अमेरिका क्यों पड़ा है ग्रीनलैंड के पीछे
ग्रीनलैंड की आबादी बहुत ज्यादा नहीं है। यहां पर करीब 60 हजार ही लोग रहते हैं। इसका अधिकांश हिस्सा बर्फ से ढका हुआ है। अमेरिका के पीछे पड़ने की सबसे बड़ी वजह यहां के दुर्लभ खनिजों का भंडार है। (Photo: Pexels) -
npr.org की एक रिपोर्ट के अनुसार सेरियम और लैन्थनम जैसे दुर्लभ खनिज स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक कार, सैनिक जेट विमानों जैसे उच्च-तकनीकी उपकरणों में उपयोग होते हैं। जो ग्रीनलैंड में भारी मात्रा में पाए जाते हैं। यही वजह है कि अमेरिका के अगले टार्गेट पर यह देश है। (Photo: Pexels)
-
ग्रीनलैंड का एक बड़ा खनिज क्षेत्र ‘क्वानेफेल्ड प्रोजेक्ट’ है, जहां पर बड़ी मात्रा में रेयर अर्थ खनिज मौजूद हैं। पर्यावरण को मद्दे नजर रखते हुए यहां पर खनन का काम शुरू नहीं हुआ है। (Photo: Pexels) निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी से इस कंपनी को बड़ा फायदा, ट्रैक सूट ने मचाया गदर, जानें कितनी है कीमत
-
कभी रेयर अर्थ के उत्पादन के मामले में दुनिया में टॉप पर रहने वाला अमेरिका अब ज्यादातर चीन पर आश्रित है। अब अमेरिका चीन पर अपनी निर्भरता कम करते हुए ग्रीनलैंड की इन खनिजों पर अपनी पकड़ बनाना चाहता है। (Photo: Pexels)
-
वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिणी ग्रीनलैंड के नर्साक क्षेत्र के आसपास की पहाड़ियों में दुनिया के करीब एक-चौथाई दुर्लभ पृथ्वी खनिज मौजूद हैं। npr.org की रिपोर्ट के अनुसार ग्रीनलैंड के पास इन खनिजों की इतनी मात्रा है कि अगर इन पर किसी का नियंत्रण हो जाए तो यह वैश्विक तकनीकी सप्लाई चेन को बदल सकता है। (Photo: Pexels)
-
ग्रीनलैंड के पठार में फीके और भूरे रंग के पत्थरों के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। जब इन पर पराबैंगनी प्रकाश डाला जाता है तो इनके अंदर मौजूद दुर्लभ धातुएं चटख गुलाबी और नारंगी रंगों से जगमगा उठती हैं। (Photo: Pexels)
-
पर्यावरण कारणों के चलते ग्रीनलैंड के अधिकतर जगहों पर तेल और प्राकृतिक गैस निकालने पर प्रतिबंध है। यहां भारी मात्रा में ग्रेफाइट चट्टान हैं जिनका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी और लोहा बनाने में किया जाता है। (Photo: Pexels)
-
कौन-कौन से खनिज पाए जाते हैं
ग्रीनलैंड में निकेल, तांबा, प्लैटिनम, जिंक, टंगस्टन, टाइटेनियम, वैनेडियम, लौह अयस्क, यूरेनियम और कोबाल्ट का भंडार हैं। इसके अलावा कई जगहों पर हीरा और सोना भी पाया गया है। यही वजह है कि अमेरिका ग्रीनलैंड के पीछे पड़ा हुआ है। (Photo: Pexels) वेनेजुएला में इन खनिजों का है भंडार, दक्षिण अमेरिका में अकेला ऐसा देश