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इस बार गणतंत्र दिवस परेड में कई अहम बदलाव देखने को मिलेंगे। परेड में पहली बार नई भैरव बटालियन मार्च पास्ट करेगी। साथ ही पहली बार बैक्ट्रियन ऊंट भी नजर आएंगे। भारतीय थल सेना की नवगठित यूनिट भैरव बटालियन की इस वक्त चर्चा खूब हो रही है। यह सुरक्षा संरचना का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। ये एक स्पेशलाइज्ड यूनिट है जिसे आधुनिक तकनीकी चुनौतियों और बदलते आतंकवादी खतरों को देखते हुए बनाया गया है। (Photo: Indian Express)
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भैरव बटालियन का उद्देश्य रणनीतिक, शक्तिशाली और त्वरित कार्रवाई करना है। यह एक अत्याधुनिक, हाई-इंटेंसिटी और स्ट्रैटेजिक रिस्पांस यूनिट है जिसे विशेष प्रकार के ऑपरेशनों के लिए गठन किया गया है। इन्हें बेहद ही सख्त ट्रेनिंग दी गई ताकि बड़े से बड़े हमले को कंट्रोल में कर सके। आइए जानते हैं इसके बारे में कुछ खास बातें: (Photo: Indian Express)
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1- कब बनी भैरव बटालियन
भैरव बटालियन के स्थापना का प्रस्ताव पिछले साल 2025 में मंजूर हुआ था। यह बटालियन आधुनिक टेक्नोलॉजी और हथियारों से लैस है। (Photo: Indian Express) -
2- क्यों हुआ गठन
भैरव बटालियन के गठन का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र में त्वरित प्रतिक्रिया वाली यूनिट को जोड़ना, हाई-रिस्क ऑपरेशनों में विशेषज्ञता बढ़ाना, आतंकवाद और आंतरिक विद्रोह की बदलती रूपरेखा को प्रभावी ढंग से संभालना, आधुनिक सैन्य तकनीकों को एक समर्पित यूनिट में समाहित करना आदि है। दरअसल, बीते कुछ वर्षों में आतंकवाद, शहरी-आधारित हमले, आईईडी धमाके और त्वरित कार्रवाई की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए इसका गठन किया गया। (Photo: ADG PI – INDIAN ARMY) इंडियन आर्मी का सबसे शक्तिशाली और खतरनाक टैंक कौन सा है? -
3- क्या होगा इनका काम
इन्हें ऐसी ट्रेनिंग दी गई जिसमें किसी भी स्थित में सेकंडों में कार्रवाई करनी पड़े, ड्रोन-आधारित हमले, रिमोट-एक्टिवेटेड आईडी जैसे नए खतरों को संभालना शामिल है। (Photo: Indian Express) -
4- कितनी है संख्या
भारतीय थल सेना में अब तक लगभग 15 भैरव लाइट कमांडो बटालियन स्थापित हैं। इनकी संख्या 25 बटालियन तक ले जाने की योजना है। यह पूरी तरह से भारतीय थल सेना की कॉम्बैट यूनिट है जो रक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन आती है। इनका चयन सेना के अंदर से जवानों में से ही किया जाता है। (Photo: Indian Express) -
5- इनमें है महारत हासिल
भैरव बटालियन के जवानों की ट्रेनिंग विशेष रणनीतियों, आधुनिक उपकरणों व हथियारों और हाई-इंटेंसिटी पर आधारित है। यह यूनिट आतंकवादी हमले या बड़े संकट में मिनटों में कार्रवाई करने में सक्षम है। (Photo: Indian Express) -
6- ट्रेनिंग
भैरव बटालियन के जवानों की ट्रेनिंग कमांडो लेवल की होती है। जिसमें पैराशूट जम्प, नाइट-विजन ऑपरेशन, हाई-रिस्क एम्बुश, बम डिफ्यूजन तकनीक और एंटी-टेरर ऑपरेशन जैसी उन्नत प्रशिक्षण दी जाती है। (Photo: Indian Express) -
7- हथियार
इस यूनिट के पास नाइट स्कोप, स्नाइपर सिस्टम, कम्युनिकेशन इंटरसेप्शन सिस्मट, असॉल्ट राइफलें, एंटी-आईडी उपकरण जैसे अत्याधुनिक हथियारों को चलाने में महारत हासिल है। (Photo: Indian Express) अमेरिका, भारत से जापान तक, ये हैं दुनिया की 10 सबसे ताकतवर सेनाएं