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सनातन परंपरा में लड्डू गोपाल को भगवान श्रीकृष्ण का बाल स्वरूप माना जाता है। उनकी सेवा घर में बच्चे की तरह की जाती है। इसी सेवा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है- लड्डू गोपाल को स्नान कराना। (Photo Source: Unsplash)
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार स्नान केवल एक क्रिया नहीं, बल्कि भक्ति और अनुशासन से जुड़ा कर्म है, इसलिए इसका समय और तरीका दोनों सही होना जरूरी माना जाता है। (Photo Source: Pexels)
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लड्डू गोपाल को स्नान कराने का सबसे उत्तम समय
धार्मिक ग्रंथों और आचार्यों के अनुसार, सुबह का समय स्नान के लिए सबसे शुभ माना गया है। विशेष रूप से ब्रह्म मुहूर्त यानी सुबह करीब 4 से 6 बजे के बीच किया गया स्नान अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस समय वातावरण शुद्ध और शांत होता है, जिससे पूजा में एकाग्रता बनी रहती है। (Photo Source: Pexels) -
अगर सुबह जल्दी स्नान न करा पाएं तो क्या करें?
अगर किसी कारणवश ब्रह्म मुहूर्त में स्नान संभव न हो, तो सूर्योदय के बाद से सुबह 8 बजे तक लड्डू गोपाल को स्नान कराया जा सकता है। इस समय को भी सात्विक माना गया है और इसे स्वीकार्य बताया गया है। (Photo Source: Pexels) -
इन समयों में स्नान कराने से बचें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक लड्डू गोपाल के विश्राम का समय माना जाता है, इस दौरान स्नान या श्रृंगार नहीं करना चाहिए। सूर्यास्त के बाद या रात में स्नान कराना भी उचित नहीं माना जाता। ऐसा माना जाता है कि इन समयों में की गई सेवा का पूरा फल प्राप्त नहीं होता। (Photo Source: Unsplash) -
स्नान के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
स्नान के लिए हल्का गुनगुना या सामान्य तापमान का जल प्रयोग करें, स्नान कराते समय श्रीकृष्ण मंत्र या नाम जप करना शुभ माना जाता है। बहुत अधिक पानी डालने की बजाय हल्के हाथों से स्नान कराएं। स्नान के बाद लड्डू गोपाल को स्वच्छ वस्त्र पहनाएं और श्रृंगार करें। (Photo Source: Pexels) -
क्या रोज स्नान जरूरी है?
मान्यताओं के अनुसार, प्रतिदिन जल से स्नान अनिवार्य नहीं है। सामान्य दिनों में केवल मुख और चरण स्पर्श कराना पर्याप्त माना जाता है। पूर्ण स्नान विशेष अवसरों जैसे जन्माष्टमी, रविवार, एकादशी या पर्व-त्योहारों पर किया जा सकता है। (Photo Source: Pexels) -
स्नान के बाद बचे जल का क्या करें?
स्नान के बाद बचा हुआ जल साधारण पानी नहीं माना जाता। इसे चरणामृत की तरह ग्रहण किया जा सकता है, या फिर तुलसी के पौधे में अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसे नाली या अपवित्र स्थान पर डालने से बचना चाहिए। (Photo Source: Pexels) -
क्यों जरूरी है सही समय पर स्नान कराना?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुभ समय में की गई सेवा से घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और शांति बनी रहती है। लड्डू गोपाल की नियमित और नियमबद्ध सेवा से भक्तों को मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतोष की अनुभूति होती है। (Photo Source: Pexels)
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