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मार्कोस को भारत का सबसे खतरनाक और घातक कमांडो कहते हैं। मार्कोस कमांडो को मरीन कमांडो भी कहते हैं। इनकी ट्रेनिंग इतनी खतरनाक होती है कि कई जवान बीच में भी छोड़ देते हैं। (Photo: @SpokespersonNavy/X)
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जब साल 2010 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा भारत आए थे तब उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए मार्कोस कमांडो का डिमांड किया था। मार्कोस कमांडो की ट्रेनिंग बेहद सख्त होती है। मार्केस अकेले ऐसे कमांडो हैं जो तीनों जगह आसमान, पानी और जमीन पर लड़ सकते हैं। (Photo: Indian Express)
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शुरुआती प्रशिक्षण में जवानों 10 मीटर पानी के अंदर जाकर डाइव करना होता। इस दौरान आधे घंटे तक पानी के अंदर रहना होता है। चार साथी होते हैं और पानी के अंदर ही एक दूसरे को मास्क निकाल कर देना होता है और इस दौरान अपनी सांस को रोककर रखना होता है। यानी की एक ही ऑक्सीजन सिलेंडर की मदद से चार लोगों को पानी के अंदर आधे घंटे तक रहना होता है। वह भी सारे हथियारों के साथ।
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जिस तरह पायलट का मेडिकल होता है उसी तरह मार्कोस का भी मेडिकल होता है। आधे इसी में छट जाते हैं। शरीर के किसी भी हिस्से में थोड़ी सी दिक्कत होने पर डिस्क्वालीफाई हो जाते हैं। (Photo: Indian Express)
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मार्कोस की ट्रेनिंग ऐसी दी जाती है कि वह नभ, जल और थल तीनों जगह लड़ने में सक्षम होते हैं। डाइविंग में हेलीकॉप्टर से कूदना होता है। 35 मीटर की डाइविंग सिखाई जाती है। अलग-अलग तरह के सेट, मास्क और एक्टिविटी शामिल होता है। इसके बाद समुद्र में डाइविंग सिखाया जाता है। (Photo: Indian Express)
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मार्कोस की दौड़ भी काफी सख्त होती है। इन्हें पांच किलो वजन के साथ दौड़ना और एक्सरसाइज करना होता है। धीरे-धीरे ये वजन 8-10-15 से बढ़कर 20 किलो तक हो जाता है। (Photo: @SpokespersonNavy/X)
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शरीर पर 20 किलो वजन के साथ और हथियार लेकर दौड़ना और एक्सरसाइज करनी होती है। रनिंग की भी सीमा बढ़ती रहती है। शुरुआत में पांच किलोमीटर और फिर 40 किलोमीटर तक दौड़ना होता है। (Photo: Indian Express)
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मार्कोस कमांडो को प्रशिक्षण के दौरान 80 घंटे तक लगातार सोने नहीं दिया जाता है। इस दौरान सारी एक्टिविटी करवाई जाती है। डाइट काफी हल्की होती है। हाल ऐसा होता है कि दिमाग काम करना बंद कर देता है। इस दौरान आसमान से कूदना, पानी में जाकर टार्गेट को खत्म करना, एक्सरसाइज और रनिंग करना होता है। (Photo: Indian Express)
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जब मार्कोस बन जाते हैं तो अंतिम में शपथ लेते हैं। ये शपथ आम नहीं होती है। इस दौरान अपना अंगूठा काटना होता है। जब खून नीचे टपकने लगता है तब शपथ लिया जाता है। (Photo: Indian Express)
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एक मार्कोस कमांडो पानी के अंदर 300 मीटर से भी अधिक नीचे तक जा सकते हैं। (Photo: Indian Express) क्यों और कब बनी भैरव बटालियन? बेहद सख्त मिली है ट्रेनिंग और इन अत्याधुनिक हथियारों से होंगे लैस