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गुजरात (Gujarat) के कच्छ के एक छोटे से गांव धोरडो (Dhordo) को युनाइटेड नेशन के वर्ल्ड टूरिज्म ऑर्गेनाइजेशन (United Nations World Tourism Organization) द्वारा बेस्ट टूरिज्म विलेज चुना गया है। (Source: @tourismgoi/twitter)
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वर्ल्ड टूरिज्म आर्गेनाइजेशन ने दुनिया के 54 गांवों में गुजरात के इस गांव को स्थान दिया है। (Source: @tourismgoi/twitter)
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यह गांव भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित है। 2011 की जनगणना के मुताबिक इस गांव की आबादी 620 है। (Source: @tourismgoi/twitter)
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इस गांव को रण उत्सव की वजह से पहचान मिली है। ये उत्सव दिसंबर से फरवरी तक 3 महीने के लिए मनाया जाता है। इस उत्सव के दौरान टूरिस्ट की भारी भीड़ रहती है। (Source: @tourismgoi/twitter)
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रण उत्सव की वजह से इस गांव में कई तरह के डेवलपमेंट हुए हैं, जिससे यह गुजरात के विकास का चेहरा बन गया। (Source: @tourismgoi/twitter)
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इस गांव की सुंदरता देखने के लायक है। इस जगह पर आज भी पारंपरिक गोल घर पाए जाते हैं। ये गोल घर घर लकड़ी और मिट्टी की मदद से बनाए जाते हैं। (Source: @tourismgoi/twitter)
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यह जगह टूरिस्ट की मनपंसद जगहों में से एक है। रण उत्सव के अलावा टूरिस्ट यहां रेत पर टहलने, ऊंट की सवारी और स्थानीय कला और शिल्प खरीदने के लिए आते हैं। (Source: @tourismgoi/twitter)
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धोरडो गांव में हस्तकला और वास्तुकला की एक से बढ़कर एक सुंदर कलाकृतियां, कपड़े, गहने मौजूद हैं जिसे आप खरीद भी सकते हैं। (Source: @tourismgoi/twitter)
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