लड़कियों की हुई थी घोड़ी से तुलना, धर्मेंद्र के इस गाने पर भड़क गई थीं महिलाएं, करना पड़ा था चेंज
कभी अपनी दमदार एक्टिंग और कभी रोमांस की वजह से दर्शकों के दिल में जगह बनाने वाले बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र ने एक से बढ़कर एक हिट और यादगार फिल्में दी हैं। उनके फेमस डॉयलॉग्स आज भी लोगों के जहन में जिंदा है। अपनी दमदार एक्टिंग से लोगों के दिल में जगह बनाने वाले…
कभी अपनी दमदार एक्टिंग और कभी रोमांस की वजह से दर्शकों के दिल में जगह बनाने वाले बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र ने एक से बढ़कर एक हिट और यादगार फिल्में दी हैं। उनके फेमस डॉयलॉग्स आज भी लोगों के जहन में जिंदा है। अपनी दमदार एक्टिंग से लोगों के दिल में जगह बनाने वाले अभिनेता धर्मेंद्र को एक बार अपनी फिल्म के एक गाने को लेकर काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। इस गाने के विरोध में महिला संगठनों ने खुब बवाल मचाया था। आज हम आपको इससे जुड़े कुछ किस्से के बारे में बताएंगे। देखें तस्वीरें।
बात 1977 की है जब धर्मेद्र की फिल्म धरम-वीर रिलीज हुई थी। यह फिल्म अपने जमाने की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर हिट साबित हुई थी।
इस फिल्म में एक गाना था सात अजूबे इस दुनिया में। इसमें एक अंतरा था- ये लड़की है या रेशम की डोर है, कितना गुस्सा है, कितनी मुंह जोर है। ढीला छोड़ न देना हंसके, रखना दोस्त लगामें कसके। मुश्किल से काबू में आए लड़की हो या घोड़ी..। इसी अंतरे को लेकर पूरे देश में बवाल मच गया था। महिला संगठनों ने गाने में महिला की तुलना घोड़ी से करने पर विरोध जताया था।
इस गाने के विरोध में महिला संगठनों ने जमकर प्रदर्शन किया था जिसके बाद आनंद बख्शी ने इस गाने के अंतरे को बदल कर दोबारा लिखा और रिकॉर्ड करवाया। इस गाने को धर्मेंद्र, जितेंद्र और जीनत अमान पर फिल्माया गया है।
वहीं इस गाने के बोल बदले जाने के बाद उस सीन को भी बदला गया था।
इस फिल्म में धर्मेंद्र , जितेंद्र, जीनत अमान , नीतू सिंह और प्राण लीड रोल निभाते दिखे थे।