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तमिलनाडु के किसान लगभग बीते एक महिने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं। वहीं दिल्ली में अपने प्रदर्शन की आवाज सत्ता तक जोरदार तरीके से पहुंचाने के लिए किसानों ने पीएम आवास के पास कपड़े उतारकर विरोध प्रदर्शन किया। आइए जानते हैं ये किसान किन मुद्दों को लेकर बीते एक महीने से दिल्ली में धरना दे रहे हैं। (Photo Source: PTI)
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पीड़ित किसानों ने बिना कपड़ों के दौड़ लगाकर और तेज गर्मी-कड़ी धूप में सड़क पर बिना कपड़ों के लुड़कते हुए अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया। किसानों का आरोप है कि उन्हें प्रधानमंत्री ऑफिस ले जाया गया था और वादा किया था कि नरेंद्र मोदी उनसे मुलाकात करेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।(Photo Source : twitter)
तमिलनाडु के ये किसान कावेरी बेसिन में सूखा पड़ने से कर्ज की मार झेल रहे हैं। ऐसे में किसान अपनी कर्ज माफी की गुहार लेकर केंद्र सरकार के पास पहुंच रहे हैं। वहीं मुद्दे को लेकर किसान नर कंकाल और इंसानी खोपड़ियों को साथ लेकर ये विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। (Photo Source: PTI) किसानों का दावा है खोपड़ियां उन किसानों की हैं जिन्होंने कर्ज के दुश्चक्र में फंस कर आत्महत्या की थी। किसानों का यह भी कहना है कि कभी अपनी उपजाऊ जमीन के लिए प्रसिद्ध कावेरी बेसिन इलाके में अब किसानों को आत्महत्या करनी पड़ रही है। (Photo Source: PTI) रिपोर्ट्स के मुताबिक सूखे और अकाल से जूझ रहे तमिलनाडु के किसानों ने लगभग 40 हजार करोड़ रुपये की राशि की मदद मांग की है। वहीं 1 अप्रैल को केंद्र सरकार ने मदद की घोषणा की थी। मदद के लिए लगभग 1700 करोड़ रुपये राशि जारी की गई। केंद्र सरकार ने नेशनल डिजास्टर एंड रिलीफ फंड से दोनों राज्य सरकारों को मदद देने का ऐलान किया था। (Photo Source: PTI) रिपोर्ट्स के मुताबिक तमिलनाडु के किसान दशक के सबसे भयानक सूखे का सामना कर रहे हैं। इस साल दक्षिण-पश्चिमी मानसून और पूर्वोत्तर मानसून 60 फीसदी तक ही रहा था, इस जिसकी वजह से पानी की गंभीर कमी हो गयी है। (Photo Source: PTI) वहीं किसानों की मांग को लेकन कई राजनीतिक दल के नेता उन्हें आश्वासन दे चुके हैं। 31 मार्च 2017 को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी जंतर मंतर पहुंचे थे। इसके अलावा केन्द्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा डीएमके नेता स्टालिन और वामपंथी नेता डी राजा भी किसानों के समर्थन में जंतर मंतर पहुंचे थे। (Photo Source: REUTERS)