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रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने वित्त वर्ष 2016-17 में अंत्योदय एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की घोषणा की थी। रेल मंत्री ने सोमवार को विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश की पहली अंत्योदय ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन दूसरी ट्रेनों के मुकाबले कई मायनों में अलग होगी। (photo source – twitter)
देश की पहली अंत्योदय एक्सप्रेस ट्रेन कोच्चि के एर्नाकुलम स्टेशन से हावड़ा स्टेशन के बीच शुरू हुई। इस ट्रेन की रफ्तार 130 किमी प्रति घंटे होगी जो राजधानी से भी ज्यादा है। वहीं इसका किराया भी ज्यादा नहीं होगा। ये ट्रेन पूरी तरह अनारक्षित होगी। 20 डिब्बों वाली यह ट्रेन 2,307 किलोमीटर की दूरी 37 घंटों में तय करेगी। (photo source – twitter) -
पीने के पानी के लिए ट्रेन में विशेष तौर पर हर कोच में आरओ लगाया गया है। ट्रेन में हर जगह एलईडी लाइट्स लगाए गए हैं। वहीं ट्रेन के डिब्बों में बायो टॉइलट्स लगाए गए हैं। ट्रेन में खास तौर ऐसी दीवारें बनाई गई हैं जिस पर कुछ लिखा नहीं जा सकेगा। (photo source – twitter)
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सफर के दौरान यात्रियों को मोबाइल चार्जर की खास जरुरत होती है। इसी को ध्यान में रखकर हर डिब्बे में मोबाइल चार्जिंग सुविधा की सुविधा दी गई है। (photo source – twitter)
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इस ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा और आराम का विशेष ध्यान रखा गया है। साटों को आरामदायक बनाया गया है। यात्रियों के सामान की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान दिया गया है। (photo source – twitter)
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देश की पहली अंत्योदय ट्रेन का नंबर 02878 है। यह एक साप्ताहिक ट्रेन होगी जो एर्नाकुलम-हावड़ा अंत्योदय एक्सप्रेस के नाम से जानी जाएगी। यह ट्रेन एर्नाकुलम से 27 फरवरी को 15.15 पर चलेगी सलेम, काटपाड़ी, विशाखापट्टनम,भुवनेश्वर, कटक, भद्रक, होती हुई हावड़ा एक मार्च को सुबह 9 बजे पहुंचेगी। इस ट्रेन में 20 डिब्बे होंगे। (photo Source- Twitter)