
पाकिस्तान में भारतीय जासूस होने के आरोप में हाल ही में उनके लिए वहां कि मिलिट्री कोर्ट ने सजा-ए-मौत मुकर्रर की। वहीं यह बताना भी जरूरी है कि कुलभूषण जाधव अकेले भारतीय नहीं हैं जिन्हें पाकिस्तान में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पाकिस्तान में बीते कई सालों में दर्जनभर से ज्यादा भारतीय लोगों को कथित तौर पर जासूस होने के आरोप में सज़ा हुई है। हालांकि कुछ भारतीय कैदियों को पाकिस्तान द्वारा रिहा भी किया गया है, वहीं कुछ की वहां की जेलों में रहस्यमय तरीके से मौत भी हुई। आइए जानते हैं पाकिस्तान की जेलों में बंद ऐसे ही कुछ भारतीयों के बारे में। 
कुलभूषण जाधव को मार्च 2016 में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसी महीने उन्हें मौत की सजा सुनाई गई है जिसकी पुष्टि खुद पाकिस्तान सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने की पुष्टि थी। कुलभूषण जाधव भारतीय नौसेना के सेवारत अधिकारी हैं लेकिन पाकिस्तान ने उन पर रॉ का खूफिया एजेंट होने के आरोप लगाए। रिपोर्टों के मुताबिक कुलभूषण जाधव पर पाकिस्तान का दावा है कि वह हुसैन मुबारक पटेल के नाम से बलूचिस्तान इलाके में ईरान की सीमा से दाखिल हुए थे। (Photo Source: File Photo) 
अगस्त 1990 में सरबजीत सिंह को पाकिस्तान की खुफिय एजेंसियों ने गिरफ़्तार किया था। पाकिस्तान ने सरबजीत सिंह के खिलाफ फैसलाबाद, मुल्तान और लाहौर में बम धमाकों के आरोप में मुकदमा चलाया और उन्हें मौत की सजा सुनाई, लेकिन सरबजीत सिंह की मौत 2013 में कोट लखपत जेल में कैदियों के हमले में घायल होने के बाद हो गईे। (Photo Source: File Photo) 
सुरजीत सिंह को 2012 में लाहौर की कोट लखपत जेल से रिहा किया गया था। उन्होंने जासूस के आरोप में पाकिस्तानी जेल में 27 साल सजा काटी। हांलाकि खबरों के मुताबिक भारत लौटने के बाद सुरजीत ने यह दावा किया कि वह RAW का एजेंट है लेकिन उन्हें पहचाना नहीं गया। (Photo Source: File Photo) 
रामराज को 2004 में पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया था। रामराज को 6 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक ऐसा कहा जाता है कि जब वह अपनी सजा काटकर वापिस भारत लौटे और भारतीय सुरक्षा संस्थाओं से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने उसे पहचानने से इनकार कर दिया था। (Photo Source: File Photo) 
गुरबख्श राम- रिपोर्ट्स के मुताबिक गुरबख्श को पाकिस्तान में भारतीय खुफिया एजंसियों द्वारा भेजा गया था और उन्हें पाकिस्तानी सेना के हथियारों से संबंधित जानकारी जुटानी थी। वहीं वापिस भारत लौटते हुए 1990 में उन्हें पाकिस्तान में गिरफ्तार कर लिया गया था और उन्हें 14 साल की सजा सुनाई गई थी। पाकिस्तान जेल से उन्हें 2006 में रिहा किया गया था। (Photo Source: News18) 
कश्मीर सिंह- रिपोर्ट्स के मुताबिक 1973 में जासूसी के आरोप में कश्मीर सिंह को गिरफ्तार किया था। उन्होंने पाकिस्तान की जेलों में लगभग 35 साल सजा काटी और 2008 में उन्हें रिहा किया गया था। (Photo Source: File Photo) -
रवींद्र कौशिक- रिपोर्ट्स के मुताबिक राजस्थान के रवींद्र कौशिक लगभग 25 साल तक पाकिस्तान में रहे थे। पाकिस्तान का दावा था कि भारतीय खुफिया एजेंसियों के ट्रेनिंग दिए जाने के बाद रवींद्र ने पाकिस्तान में अहमद शाकिर के नाम से दाखिल हुआ। इसके बाद रवींद्र ने कराची यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया और फिर सेना में रहा। रवींद्र कौशिक की गिरफ़्तारी के उन्हें पाकिस्तान की कई जेलों में 16 साल तक रखा गया और 2001 में उनकी मौत जेल में ही हो गई थी। (Photo Source: Telegraph)