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हाल ही में ईमयू ट्रेन में बीफ की अफवाह को लेकर जुनैद की हत्या के बाद ईद के मौके पर लोग जगह-जगह पर काली पट्टी बांधकर ईद की नमाज़ पढ़ते हुए दिखाई दिए।
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बल्लभगढ़ निवासी जुनैद के गांव खांडावली में भी लोगों ने मस्जिदों में काली पट्टी बांधकर ईद की नमाज पढ़ी। ग्रामीणों ने ट्रेन में हुई हिंसा के विरोध में काली पट्टी बांधी हैं। वहीं कश्मीर में भी लोग ईद की नमाज के दौरान सलामती की दुआं मांगेंगे।
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भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने की हाल की घटनाओं के विरोध में विभिन्न संगठनों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर ईद की नमाज पढ़ने का आह्वान किया है।
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देश के कई राज्यों में हो रहे हत्या काण्ड इत्यादि मामलों का विरोध जताने के लिए सोशल मीडिया पर भी एक अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें मुसलमानों से सोमवार को ईद पर काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ने को कहा गया है।
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माइनारिटी एजुकेशन एण्ड इम्पॉवरमेंट मिशन (मीम) के उत्तर प्रदेश सचिव अब्दुल हन्नान ने बताया कि उनके संगठन ने देश की तमाम मस्जिदों के इमामों को फोन करके कहा है कि वे मुसलमानों से ईद की नमाज पढ़ते वक्त बाजू पर काली पट्टी बांधने को कहें।
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हन्नान ने बताया कि उनके संगठन से जुड़े लोग इस संदेश को दूर-दूर तक फैला रहे हैं। कोशिश है कि इस विरोध को बड़े पैमाने पर सरकार के पास पहुंचाया जाए, ताकि भीड़ के हाथों मौतों का सिलसिला रोका जा सके।
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इस सिलसिले में फेसबुक पर अभियान चला रहे शायर इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि हमने युवाओं से अपील की है कि वे इन घटनाओं के विरोध में काली पट्टी बांधकर ईद की नमाज पढ़ें और अपनी तस्वीर खींचकर फेसबुक पर अपलोड करें। (Reuters)
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इमरान ने कहा, ‘‘ ईद अल्लाह का तोहफा है, हम लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेंगे। हम कोई धरना-प्रदर्शन नहीं करेंगे। हम सिर्फ नमाज के दौरान विरोध करेंगे। अगर अब इन घटनाओं का विरोध नहीं किया गया तो कल हम भी भीड़ का शिकार बन सकते हैं। (Reuters)