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Chirag Paswan Ramvilas Paswan LJP: राम विलास पासवान अब इस दुनिया में नहीं हैं। 8 अक्टूबर को उनका निधन हो गया। लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक के निधन के बाद बेटे चिराग पासवान के कंधों पर इसकी सारी जिम्मेदारी आ गई है। कभी एक्टर बनने की चाह रखने वाले चिराग को रामविलास पासवान राजनीति में लाए थे। वह अपने बेटे में देश का बड़ा नेता देखते थे। इसके लिए उन्होंने अपने निधन से कुछ समय पहले ही भविष्यवाणी भी की थी।

रामविलास पासवान के पास लालू प्रसाद यादव औऱ नीतीश कुमार के समर्थन से बिहार का सीएम बनने का मौका था। लेकिन उन्होंने किसी मुसलमान को सीएम बनाने की बात कहते हुए प्रस्ताव ठुकरा दिया। पासवान की ना के बाद दोबारा से विधानसभा चुनाव हुए औऱ नीतीश कुमार सीएम बने। -
रामविलास पासवान के बारे में बताया जाता है कि उन्हें प्रदेश की राजनीति में बहुत ज्यादा इंटरेस्ट नहीं था। वह खुद को एक राष्ट्रीय नेता के तौर पर पेश करना चाहते थे।
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बताया जाता है कि वह देश में दलितों का सबसे बड़ा नेता बनने का सपना देखते थे। भीमराव अंबेडकर उनके प्रेरणा थे औऱ वह उन्हीं की तरह बनना चाहते थे।
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अपने निधन से कुछ समय पहले पासवान के सपनों में बदलाव देखने को मिला था। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए अपनी आखिरी इच्छा बताई थी।

रामविलास पासवान चाहते थे कि उनका बेटा चिराग पार्टी की कमान संभाले औऱ एक दिन बिहार का सीएम बने। पासवान ने साल 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले चिराग को पार्टी का अध्यक्ष बना दिया और उनके नेतृत्व में ही लोकसभा का चुनाव लड़ा। 
चिराग पासवान को बिहार का मुख्यमंत्री बनता देखने की इच्छा जाहिर करते हुए रामविलास ने कहा था कि मैं चिराग में बिहार का भावी सीएम देखता हूं। -
निधन से कुछ समय पहले रामविलास पासवान ने 2 से 5 साल के बीच चिराग के मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी करते हुए कहा था कि अगले 20 से 25 साल में चिराग को देश के सबसे बड़े नेताओं के गिना जाएगा।
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अब ये देखना होगा कि पिता के निधन के बाद क्या चिराग उनकी भविष्यवाणी को सही कर पाते हैं या नहीं।
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फिलहाल बिहार विधानसभा चुनावों में एलजेपी फ्रंट फुट पर बैटिंग करती दिख रही है। नतीजा क्या होता है ये तो चुनाव के परिणाम ही बताएंगे।