
देश की जानी मानी मीडिया हस्ती और NDTV के को-फाउंडर प्रणय रॉय के दिल्ली और देहरादून स्थित ठिकानों पर सोमवार (5 जून) को केन्द्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने छापा मारा। (Photo-PTI) 
प्रणय रॉय के दिल्ली के ग्रेटर कैलाश- 1 स्थित आवास में सोमवार को सुबह-सुबह ही सीबीआई के अधिकारी पहुंच गये थे। प्रणय रॉय पर निजी बैंक ICICI बैंक को 48 करोड़ रुपये घाटा पहुंचाने का आरोप है। (Photo-PTI) 
केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने NDTV के प्रमोटर प्रणय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय के खिलाफ केस भी दर्ज किया है। (Photo-PTI) 
एनडीटीवी पर सीबीआई छापों पर संस्था ने एक बयान जारी किया है। संस्था का कहना है कि एनडीटीवी को परेशान करने के लिए झूठे आरोपों के आधार पर छापा मारा जा रहा है। संस्था ने अपने बयान में कहा कि, 'हम भारत में लोकतंत्र और आज़ाद आवाज़ को कुचलने के इन प्रयासों के आगे झुकने वाले नहीं हैं।' (Photo-PTI) 
एनडीटीवी पर छापों के बारे में केन्द्रीय सूचना एंव प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा है कि प्रणय रॉय की संपत्तियों पर सीबीआई के छापे में कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है, कानून विधिसम्मत काम कर रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि अगर कोई गलत करता है तो सरकार सिर्फ इस वजह से चुप नहीं रह सकती कि केस से जुड़ा शख्स मीडिया से ताल्लुक रखता है। (Photo-PTI) 
एनडीटीवी पर छापे का दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने विरोध किया है। केजरीवाल ने कहा है कि सरकार असहमति की आवाज को दबाना चाहती है। जबकि ममता बनर्जी का कहना है कि देश में गलत ट्रेंड शुरू हो गया है। (Express Photo/Tashi Tobgyal) 
प्रणय रॉय के घर पर पड़े इस छापे पर सोशल मीडिया में दोनों तरह के विचार देखने को मिले हैं, कुछ लोगों ने कहा है कि एनडीटीवी ग्रुप का निशाना बनाया जा रहा है, जबकि कुछ का कहना है कि कानून सभी के लिए बराबर है, चाहे वो मीडिया से जुड़ा हो, या फिर सामान्य आदमी (Express Photo by Tashi Tobgyal)