
Bihar Elections 2020: जब भी बिहार की राजनीति और वहां के राजनेताओं की बात होती है तो राज्य के दो शिक्षण संस्थानों का जिक्र जरूर होता है। पहला पटना यूनिवर्सिटी और दूसरा भागलपुर का टीएनबी कॉलेज। टीएनबी (तेज नारायाण बिनैला) कॉलेज ने प्रदेश को 4 मुख्यमंत्री दिए हैं। 1883 में इस कॉलेज की स्थापना हुई थी। यह राज्य का प्रतिष्ठित महाविद्यालय है। आइए जानते हैं बिहार के किन मुख्यमंत्रियों का संबंध इस कॉलेज से रहा है: 
बिहार के दसवें मुख्यमंत्री दरोगा प्रसाद राय टीएनबी कॉलेज से पढ़े थे। वह 16 फरवरी 1970 से 22 दिसंबर 1970 तक राज्य के सीएम रहे। लालू प्रसाद के बेटे तेजप्रताप यादव के ससुर चंद्रिका राय दरोगा राय के ही बेटे हैं। -
दिवंगत सत्येंद्र नारायण सिन्हा का भी भागलपुर के इस कॉलेज से संबंध रहा है। उन्होंने यहां पर कुछ दिनों तक इतिहास पढ़ाया था। इसके बाद वह राजनीति में आ गए। सत्येंद्र नारायण सिन्हा 11 मार्च 1989 से 6 दिसंबर 1989 तक राज्य के सीएम रहे।

भागवत झा आजाद ने टीएनबी कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक किया था। भारतीय क्रिकेटर औऱ राजनेता कीर्ति आजाद भागवत झा की ही संतान हैं। भागवत झा 14 फरवरी 1988 से 10 मार्च 1989 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे थे। 
बिहार के इतिहास में सबसे कम दिनों के लिए मुख्यमंत्री रहने वाले सतीश प्रसाद सिंह भी भागलपुर के टीएनबी कॉलेज के स्टूडेंट थे। वह 28 जनवरी 1968 से 1 फरवरी 1968 तक महज 5 दिनों के लिए सीएम बने थे। सतीश प्रसाद सिंह कांग्रेस के टिकट पर खगड़िया से सांसद भी रह चुके हैं। -
इन चार मुख्यमंत्रियों के अलावा टीएनबी कॉलेज ने और भी कई दिग्गज राजनेता दिए हैं। इनमें भारत के रेल मंत्री रह चुके ललित नारायण मिश्र और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. शिवचंद्र झा जैसे नाम शामिल हैं। (All Photos: Social Media)