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मनुष्य का शरीर जितना छोटा होता है उसका दिमाग उतना ही विशाल है। मस्तिष्क की कोई सीमा नहीं है। मन को एकाग्र कर लिया तो हर वो काम कर सकते हैं जो आप चाहते हैं। योग, प्राणायाम और ध्यान के जरिए मन को एकाग्र किया जा सकता है। (Photo: Freepik)
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मानव शरीर कई सारी रहस्यों से भरा हुआ है। लोगों को ऐसा लगता है कि सिर्फ संतों, योगियों और महात्माओं के पास ही असाधारण शक्तियां होती हैं। लेकिन प्राचीन आध्यात्मिक परंपराएं, आधुनिक न्यूरोसाइंस और इंसानी अनुभव इस ओर इशारा करता है कि इंसान अपनी सोच से कहीं ज्यादा शक्तिशाली है। (Photo: Freepik)
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शरीर के अंदर कुछ ऐसी शक्तियां छिपी हुई हैं जिनका अगर सही उपयोग किया जाए तो जीवन में वो हर चीज पा सकते हैं जिसकी चाहत है। आइए जानते हैं मानव शरीर के अंदर की पांच अद्भुत शक्तियों के बारे में: (Photo: Freepik)
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1- खुद को ठीक करने की क्षमता
शरीर को अंदर खुद को ठीक करने की क्षमता होती है। यह एक तरह की शक्ति ही है की जब चोट लगती है या कोई बीमारी होती है वह कुछ ही दिनों में धीरे-धीरे ठीक होने लगता है। (Photo: Freepik) मंदिर या फिर वृक्षों के चारों ओर परिक्रमा क्यों करते हैं? क्या कहते हैं इसे -
प्राचीन ग्रंथों और कई शोधों के अनुसार मन का असर शरीर पर गहरा होता है। जब आप खुद को सुरक्षित, शांत और आश्वासन महसूस करते हैं, तो शरीर हीलिंग मोड में चला जाता है। खून का प्रवाह बेहतर होता है, सूजन कम होती है और कोशिकाएं तेजी से ठीक होती हैं। योग परंपरा में इसे प्राण शक्ति कहा गया है। (Photo: Freepik)
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2- किसी खतरे का पहले से ही महसूस करना
शरीर के अंदर ऐसी शक्ति होती है जिसके जरिए किसी खतरे को पहले से ही पहचान सकते हैं। दरअसल, कई बार बिना वजह बेचैनी होने लगती है, दिल घबराने लगता है या कहीं से अचानक निकल जाने का मन करने लगता है। बाद में पता चला हो कि वहां कुछ गलत होने वाला था। इसे लोग अंधविश्वास समझते हैं। लेकिन हमारा दिमाग हर पल चेहरे के भाव, आवाज, शरीर की भाषा और माहौल के छोटे-छोटे संकेत पढ़ता रहता है। खतरा साफ दिखने से पहले ही आपका अवचेतन उसे पहचान लेता है। इसे प्राचीन समय में अंतर्ज्ञान (Intuition) कहा जाता था। (Photo: Freepik) -
3- मन का वास्तविकता को प्रभावित करना
विचार कभी खामोश नहीं होते हैं। वे शरीर में रासायनिक बदलाव पैदा करते हैं और हमारे व्यवहार, फैसलों और रास्तों को तय करते हैं। कई बार हम गलत रास्ते पर चलते हैं लेकिन दिमाग हमें वास्तविकता दिखाता रहता है। दिमाग सही मौकों और सही फैसलों की ओर बढ़ने में मदद करता है। इसे मैनिफेस्टेशन का सिद्धांत कहते हैं। यानी आपका अंदरूनी भाव ही बाहर की दुनिया को दिशा देता है। (Photo: Freepik) -
4- बिना शब्दों के दूसरों की भावनाओं को महसूस करना
हमारा नर्वस सिस्टम दूसरों की भावनाओं को महसूस कर सकता है। किसी का उदास होना, झूठ बोलना और धोखा देना ये सारी चीजें बिना बोले समझ जाते हैं। इसे सहानुभूति कहते हैं और आध्यात्मिक भाषा में इसे ऊर्जा को महसूस करना बताया गया है। (Photo: Freepik) -
5- गहरे सुकून और स्पष्टता की अवस्था में जा सकते हैं
हमारा दिमाग इतना शक्तिशाली है कि शरीर को गहरे सुकून और स्पष्टता की अवस्था में ले जा सकता है। कई बार ध्यान, प्रार्थना या प्रकृति के बीच शांति से बैठने और टहलते समय अचानक मन पूरी तरह शांत हो जाता है। विचार धीमे पड़ने लगते हैं और दिल हल्का लगने लगता है। यह मस्तिष्क के उच्च स्तर की चेतना को जागृत करने की शक्ति है। (Photo: Freepik) -
संत, महात्मा और योगी इन शक्तियों को अच्छे से इस्तेमाल करना जानते हैं। यह उनके वर्षों की कठिन तपस्या की देन है। इस अवस्था में डर खत्म हो जाता है। रचनात्मकता बढ़ जाती है और समाधान अपने आप सामने आने लगते हैं। (Photo: Freepik)
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अध्यात्म में बताया गया है कि दूसरों से जुड़ने से पहले खुद से जुड़ें। खुद को पहचानें, मन को शांत रखने की कला को सीखें। मन को एकाग्र करें। मनुष्य का शरीर खुद में एक बहुत बड़ा शक्ति है। जो इसका सही तरीके से इस्तेमाल करना सीख गया वह तमाम परेशानियों से दूर हो सकता है। (Photo: Freepik) 9 महीने में जन्म का रहस्य, इसके बाद या पहले क्यों नहीं होता? गर्भ में आत्मा क्या सीखती है