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1- व्यक्ति को अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानने के लिए अहंकार से मुक्ति पाना होगा।
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2- हर व्यक्ति अपने कर्तव्यों से बंधा हुआ है। अपने कर्तव्यों का पालन करना ही श्रेष्ठ मार्ग है।
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3- जिसने अपने मन को वश में कर लिया, उसके लिए सबसे बड़ा मित्र मन है।
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4- लाभ-हानि, सफलता-असफलता और सुख-दुख में समान रहना चाहिए।
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5- संघर्ष ही जीवन है। हर चुनौती आत्मविकास का माध्यम है। Chanakya Niti: असफलता को सफलता में बदल सकती है चाणक्य नीति की ये पांच बातें
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6- जो मनुष्य ज्ञान की दृष्टि से देखता है वह हर जीव में एक ही आत्मा को देखता है।
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7- इस संसार में हर एक वस्तु क्षणभंगुर है। केवल आत्मा ही स्थायी है।
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8- जो अपने जीवन को समर्पण और भक्ति से जीता है, वह परमात्मा को प्राप्त करता है।
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9- ज्ञानी व्यक्ति ज्ञान और कर्म दोनों को समान मानता है। ज्ञान और कर्म के संतुलन से ही जीवन सफल होता है।
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10- जो सभी इच्छाओं को त्याग देता है और मैं तथा मेरा की भावना से मुक्त हो जाता है वही शांति प्राप्त करता है। गीता उपदेश: भाग्य बदल सकते हैं गीता के ये 9 श्लोक, बुरे वक्त से बाहर निकलने में आएंगे काम