गैंगस्टर रवि पुजारी को पकड़ने के बाद अब देश की सुरक्षा एजेंसिया उससे कई राज उगलवाने में जुटी हैं। करीब 2 दशक तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकते रहने वाले इस कुख्यात को पकड़ना पुलिस के लिए कभी आसान नहीं रहा। Additional Director General of Police (Law & Order) अमर कुमार पांडे ही वो शख्सियत हैं जिन्होंने अपनी टीम के साथ करीब 20 महीने तक अथक प्रयास किया जिससे आखिरकार रवि पुजारी को कानून के शिकंजे में जकड़ा जा सका।
रवि पुजारी को जब 22 फरवरी को सेनेगल में पुलिस ने कर्नाटक पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे अमर कुमार पांडे के हाथों सौंपा तब पुजारी ने सबसे पहले उनसे पूछा था ‘क्या हो रहा है साहब?’ यहां बता दें कि इसके बाद 23/24 फरवरी की रात रवि पुजारी को बेंग्लुरु लाया गया। ‘रवि पुजारी को दबोचना किसी भूत को पकड़ने की तरह था।’ यह कहना है खुद अमर कुमार पांडे का।
अमर कुमार पांडे ने ‘The New Indian Express’ से बातचीत करते हुए कहा कि ‘मुझे नहीं मालूम था कि वो कैसा दिखता है? यह किसी भूत का पीछा करने जैसा था…पुजारी करीब 20 साल से फरार था। उसकी जो अंतिम तस्वीर हमारे पास थी वो साल 1994 की थी। इसके अलावा कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर थीं। जिनमें से एक में वो स्वीमिंग पूल में नजर आ रहा था।
मैंने पुजारी और उसके गुर्गों से संबंधित सभी जानकारियां न्यूज तथा अन्य सोर्स से जुटाए। इसके बाद मैंने उसके द्वारा रंगदारी के लिए किए गए सभी फोन कॉल को ट्रैक करना शुरू किया। लेकिन पता चला कि पुजारी रंगदारी मांगने के लिए Voice over Internet protocol (VoIP) का इस्तेमाल कर रहा था।’
पुलिस की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ कि डॉन रवि पुजारी अलग-अलग देशों के सिम लेकर फोन किया करता था। वो एक सिम से सिर्फ एक ही फोन किया करता था। फोन ट्रैक करने के दौरान ही पुलिस को पुजारी को लेकर पहला क्लू हाथ लगा और यह अंदाजा लगाया गया कि वो साउथ अफ्रीका से फोन करता है।
उसके सेनेगल में होने का दूसरा इनपुट मिलते ही 19 जनवरी, 2019 को उसे डाकार से उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब वो एक सैलून में बैठा था। साल 1994 में मुंबई के चर्चित बाला मर्डर केस में पुजारी के फिंगप्रिंट्स मिले थे जिसके बाद उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसी फिंगरप्रिंट के आधार पर उसकी पहचान हुई थी।
19 फरवरी को सेनेगल की सुप्रीम अदालत ने रवि पुजारी के प्रत्यर्पण के फैसले पर मुहर लगा दी और फिर उसके सभी कानूनी ऑप्शन खत्म हो गए। अमर कुमार पांडने बताया कि ‘पुजारी को पकड़ने के बाद मैंने उससे कहा कि हम तुम्हें भारत वापस ले जा रहे हैं तुम्हारा प्रत्यर्पण हो चुका है। उस वक्त वो तनाव में आ गया था और काफी नवर्स था। फ्लाइट में आने के दौरान वो काफी इमोनशनल भी हो गया था।’

