बंगाली मूल की एक 27 वर्षीय महिला को शुक्रवार (9 जुलाई, 2019) को जिस्मफरोशी की काली दुनिया के चंगुल से आजाद कराया गया। ग्रेजुएट पीड़िता कोलकाता की एक निजी कंपनी में नौकरी करती थी, मगर एक महिला व्यवसायी द्वारा अच्छे पैसों की पेशकश के चलते उसने दिल्ली आने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी। हालांकि बाद में महिला ने खुद को राजधानी के रेड लाइट एरिया जीबी रोड पर एक वेश्यालय में फंसा पाया।
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक खबर के मुताबिक हालांकि महिला सौभाग्यशाली थी कि वेश्यालय में एक ग्राहक से मदद मिलने के बाद उसे देह व्यापार के चंगुल से बचाया गया। महिला की इस मदद में अहम भूमिका निभाई उसकी और ग्राहक की बंगाली भाषा ने। महिला ने मदद के लिए ग्राहक से बंगाली भाषा में मदद मांगी और ग्राहक इसके लिए तैयार हो गया। महिला ने उसे अपने भाई का नंबर दिया और फोन करके उसके भाई को उसकी लोकेशन की जानकारी दी।
करीब दो महीने से बहन को खोज रहे भाई ने उसका पता मिलने के बाद दिल्ली महिला आयोग से मदद की गुहार लगाई। जिसके बाद आयोग और पुलिस की मदद से कोठा नंबर 68 से महिला को छुड़ा लिया गया।
बता दें कि देह व्यापार में ढकेले जाने के बाद महिला बंगाल में अपने परिवार से संपर्क नहीं कर पा रही थी। मामले में उसके भाई ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। महिला को आठ अगस्त को छुड़ाने के बाद दिल्ली में केस दर्ज किया है। मामले में कोठे के प्रबंधक को गिरफ्तार किया गया है। पीड़िता 8 जून को नौकरी के लिए दिल्ली पहुंची थी।
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