भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दरअसल बॉम्बे हाईकोर्ट ने विजय माल्या की वह याचिका ठुकरा दी है, जिसमें विजय माल्या ने सरकारी एजेंसियों और निचली अदालत द्वारा उसकी संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई से बचाने की अपील की थी। कोर्ट ने माल्या की याचिका पर स्थगन आदेश देने से इंकार कर दिया। न्यायमूर्ति अकील कुरैशी और न्यायमूर्ति एस जे कथावाला ने माल्या द्वारा पिछले महीने दायर की गई अपील को खारिज कर दिया।
माल्या ने धन शोधन रोधक कानून (पीएमएलए) से संबंधित विशेष अदालत में चल रही सुनवाई पर स्थगन देने का आग्रह किया था। माल्या ने अपनी अपील में कहा था कि या तो इस पर स्थगन दिया जाए या निचली अदालत द्वारा इस पर कोई फैसला या आदेश, भगोड़े आर्थिक अपराधी कानून की वैधता को चुनौती देने वाली उनकी एक और याचिका पर अंतिम आदेश के आधार पर लागू हो। अदालत ने कहा कि उसे माल्या को राहत देने की कोई वजह नजर नहीं आती। इस साल पांच जनवरी को विशेष पीएमएलए अदालत ने माल्या को भगोड़ आर्थिक अपराधी घोषित किया था। उसके बाद अदालत ने माल्या की संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की थी।
बता दें कि बीते दिनों यूके हाईकोर्ट ने विजय माल्या को प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ अपील करने की मंजूरी दे दी थी। इससे पहले ब्रिटेन के गृह सचिव माल्या के भारत को प्रत्यर्पण को मंजूरी दे चुके हैं। माल्या पर भारतीय बैंकों का करीब 9000 करोड़ रुपए बकाया है, इसके अलावा माल्या पर मनी लॉन्ड्रिंग का भी आरोप है। माल्या मार्च, 2016 में भारत से भागा था और उसके बाद से ही लंदन में रह रहा है। जनवरी, 2018 में दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने माल्या को भगोड़ा घोषित कर उसके खिलाफ समन जारी किया था।
(भाषा इनपुट के साथ)
