Vande Bharat Express 4TH Generation: भारत में तेज व सुविधाजनक यात्रा के लिए तैयार हो रही वंदे भारत ट्रेन को स्वदेशी तकनीक से आधुनिक बनाया जाएगा। भारतीय रेलवे ने वंदे भारत 4.0 के माध्यम से मौजूदा सुविधाओं में सुधार लाने का फैसला लिया है जिससे भारतीय रेलवे से तेज रफ्तार की यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिल सकती है।
भारतीय रेलवे की पहल के तहत जून 2027 तक देश में तैयार होने वाली वंदे भारत ट्रेन के मानक को अमेरिका, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, चीन सहित ट्रेन व ट्रेन कलपुर्जें के बड़े निर्यातक देशों की बराबरी में लाने का लक्ष्य रखा है। इन ट्रेनों के निर्माण के दौरान ट्रेन की गति के साथ सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
स्पीड बढ़ाने पर फोकस
भारतीय रेलवे सूत्रों के मुताबिक, रेल मंत्री के निर्देश पर वंदे भारत को और बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसे लेकर होने वाले अध्ययन में कई स्तर पर जांच होगी। इस जांच में यह देखा जाएगा कि वंदे भारत ट्रेन की गति को और कैसे बढ़ाया जा सकता है।
ट्रेन की रफ्तार बढ़ने के साथ ही यह भ चेक किया जाएगा कि गाड़ी में स्थिरता, रेल की आंतरिक संरचना, सीटों की उपलब्धता, शौचालय व सहित दूसरी सुविधाओं में कैसे सुधार किया जा सकता है।
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अभी कितनी है वंदे भारत ट्रेनों की रफ्तार?
मौजूदा समय में भारतीय रेलवे द्वारा संचालित वंदे भारत की अधिकतम गति 180 किमी प्रति घंटे हैं, लेकिन दूसरे कारणों से यह गति घटकर 100 किमी प्रति घंटे या 130 किलोमीटर प्रतिघंटे तक ही पहुंच जाती है। सूत्रों का कहना है कि फरवरी के पहले सप्ताह में आने वाले आम बजट में विशेष बजट का प्रावधान होने की उम्मीद है।
एक्सपोर्ट बढ़ाने पर विशेष ध्यान
भारतीय रेलवे सूत्रों का कहना है कि वंदे भारत 4.0 में कवच 5.0 को शामिल करने की योजना है। इनका निर्माण विदेशी मांग के आधार पर होगा। मौजूदा समय में ट्रेन व ट्रेन कलपुर्जें के बड़े निर्यातक देशों में अमेरिका, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, चीन सहित दूसरे देश शामिल हैं। इसी के तहत वंदे भारत 4.0 पर काम शुरू किया गया है। यह अगली पीढ़ी का मॉडल होगा।
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