श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सिलेंस (SMVDIME) के निरस्तीकरण से प्रभावित 50 छात्रों के लिए राहत की खबर आई है। जम्मू कश्मीर व्यावसायिक प्रवेश परीक्षा बोर्ड (BOPEE) ने केंद्र शासित प्रदेश के 7 सरकारी कॉलेजों में उनके एडमिशन के लिए काउंसलिंग की नई तारीख 24 जनवरी तय की है। जम्मू और कश्मीर व्यावसायिक प्रवेश परीक्षा बोर्ड ने SMVDIME के मेडिकल छात्रों के लिए 2025-26 सत्र के लिए नई काउंसलिंग आयोजित करने में असमर्थता जताने के एक दिन बाद, बोर्ड ने अपना रुख बदल लिया है। अब बोर्ड ने कॉलेजों के आवंटन के लिए 24 जनवरी को काउंसलिंग के लिए छात्रों को बुलाया है ।

इन छात्रों को केंद्र शासित प्रदेश के सात सरकारी मेडिकल कॉलेजों में समायोजित किया जाएगा जिनमें से तीन कश्मीर घाटी में और चार जम्मू प्रांत में स्थित हैं। कश्मीर के कॉलेजों में 22 सीटें आरक्षित हैं, जबकि 28 छात्रों को जम्मू में समायोजित किया जाएगा।

इन कॉलेजों में मिलेगा SMVDIME के छात्रों को एडमिशन

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार ने मेडिकल कॉलेज के चयनित एमबीबीएस उम्मीदवारों के लिए कॉलेज आवंटन का मुद्दा हल कर लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “बीओपीईई द्वारा काउंसलिंग कार्यक्रम जारी किए जाने के बाद अब चयनित उम्मीदवार अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं।”

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बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर गुरविंदर राज वर्मा द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 50 अतिरिक्त सीटों का वितरण संबंधित उम्मीदवारों की नीट-यूजी मेरिट और 7 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में उनकी प्राथमिकताओं के आधार पर किया जाएगा। अधिसूचना में कहा गया है कि जीएमसी अनंतनाग में आठ छात्रों को सीटें आवंटित की जाएंगी और जीएमसी बारामूला, डोडा, हंडवारा, कठुआ, राजौरी और उधमपुर में सात-सात छात्रों को सीटें आवंटित की जाएंगी।

24 जनवरी को होगी SMVDIME के छात्रों की काउंसलिंग

अधिसूचना में कहा गया, “स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के 21 जनवरी के पत्र के अनुसार, यह सूचित किया जाता है कि जिन अभ्यर्थियों को बोर्ड द्वारा विभिन्न दौर की काउंसलिंग में श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सिलेंस, कटरा में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अंतिम रूप से सीटें आवंटित की गई थीं, बोर्ड उन्हें जम्मू-कश्मीर के भीतर जीएमसी में अतिरिक्त सीटों पर समायोजित करने के लिए काउंसलिंग आयोजित करेगा।”

बोर्ड ने उन उम्मीदवारों से, जो व्यक्तिगत रूप से काउंसलिंग सत्र में उपस्थित नहीं हो सकते, बोर्ड द्वारा निर्धारित प्रारूप में अपने किसी ब्लड रिलेटिव को अपनी ओर से काउंसलिंग में भाग लेने के लिए अधिकृत करने का अनुरोध किया है। बोर्ड ने यह भी कहा है कि प्रतिनिधि को अधिकृत करने का पत्र और आधार कार्ड सहित एक वैध पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य है।

जनवरी की शुरुआत में, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के चिकित्सा मूल्यांकन और रेटिंग बोर्ड ने न्यूनतम मानकों का पालन न करने के कारण एसएमवीडीआईएमई को दी गई अनुमति वापस ले ली थी। इसमें कहा गया था कि काउंसलिंग के दौरान कॉलेज में प्रवेश पाने वाले छात्रों को जम्मू कश्मीर के अन्य संस्थानों में अतिरिक्त सीटों पर समायोजित किया जाएगा। जिन सात सरकारी मेडिकल कॉलेजों को अतिरिक्त सीटें आवंटित की गई हैं, वे पिछले सात वर्षों में स्थापित किए गए हैं। सरकार ने जीएमसी श्रीनगर, जीएमसी जम्मू या एसकेआईएमएस मेडिकल कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थानों में कोई अतिरिक्त सीट आवंटित नहीं की है।

बोर्ड ने पहले कहा था कि वह एमबीबीएस प्रवेश के लिए नई काउंसलिंग आयोजित नहीं कर सकता है और एसएमवीडीआईएमई में प्रवेश पाने वालों के लिए अतिरिक्त सीटों का आवंटन सरकारी स्तर पर तय किया जाना चाहिए। पढ़ें- श्री वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द, 50 MBBS सीटें खत्म

(भाषा के इनपुट के साथ)