उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मोहसीन रजा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को उनके दादा के हवाले से निशाने पर लिया है। सोमवार को मोहसीन रजा ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के पिता और राहुल गांधी के दादा फीरोज गांधी के कब्र पर फूल चढ़ाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि फीरोज गांधी अल्पसंख्यक समुदाय से थे, इसी वजह से राहुल प्रयागराज स्थित अपने दादा की कब्र पर नहीं आते। इंडिया टुटे से बातचीत में मोहसीन रजा ने कहा,”फीरोज गांधी एक जाने-माने पत्रकार, राजनेता और स्वतंत्रता सेनानी थे। आजादी की लड़ाई में उनका योगदान काफी महत्वपूर्ण था, लेकिन उनकी कब्र पर कोई नहीं आता। उनके पोते राहुल गांधी के पास भी वक्त नहीं है कि वो यहां (प्रयागराज) आएं। फीरोज गांधी अल्पसंख्यक समुदाय से होने के नाते ठुकराए गए।”
मोहसीन रजा ने कहा कि उनकी सरकार इस मसले को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहती। लेकिन, यह सत्य है कि फीरोज गांधी का कब्र कहां स्थित है यह किसी को नहीं मालूम। रजा ने कहा कि राहुल गांधी को अपने दादा के प्रति थोड़ा सम्मान जाहिर करना चाहिए और उनकी कब्र पर कम से कम एक बार जरूर आना चाहिए।
इंडिया टुडे के हवाले से बताया गया कि मोहसीन रजा की टिप्पणियों पर यूपी कांग्रेस के प्रवक्ता जीशान हैदर ने पलटवार किया। उन्होंने रजा के दावों का खंडन किया और फीरोज गांधी की कब्र पर फूल चढ़ाने को पब्लिसिटी स्टंट करार दिया। जीशान ने कहा, “मोहसीन रजा इस तरह के काम सिर्फ पब्लिसिटी हासिल करने के लिए कर रहे हैं। उन्हें तो उनकी पार्टी में ही गंभीरता से नहीं लिया जाता।” जीशान ने कहा कि मोहसीन रजा पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं और उन्हें उनके मंत्री पद से हटा दिया जाना चाहिए।
इससे पहले उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने भी राहुल पर तंज कसे थे। उन्होंने भी राहुल गांधी को कुंभ मेले में आने की सलाह दी थी और प्रयागराज स्थित उनके दादा की कब्र पर जाने की नसीहत दी थी। गौरतलब है कि फीरोज गांधी जाने-माने स्वतंत्रता सेनानी थे और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पति थे।
