टेलिविजन रेटिंग पॉइंट (TRP) को लेकर मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने गुरुवार को एक बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने रिपब्लिक टीवी समेत तीन चैनलों पर टीआरपी खरीदने का आरोप लगाया है। इसे लेकर रिपब्लिक टीवी के शो पूछता है भारत में डिबेट चल रही थी। इस दौरान एक पैनलिस्ट ने शिवसेना नेता से कहा कि बोलने की आज़ादी सिर्फ उन लोगों को है जो देश तोड़ने की बात करते हैं। अरनब को बोलने की आज़ादी नहीं है।
पैनलिस्ट ने कहा कि आप मुझे बताइये कि बोलने की आज़ादी अरनब को क्यों नहीं है। पूरा देश उनके साथ खड़ा है। अरनब का मुह बंद करने की कोशिश क्यों की जा रही है। इसपर अरनब ने कहा “मुझे बहुत समर्थन मिल रहा है। इतना समर्थन आ रहा है कि में भावुक हो गया हूं। मैं अपने टीम के एक-एक मेम्बर को कहना चाहता हूं, ये समर्थन आपके लिए हैं। तभी एक पैनलिस्ट ने शिवसेना नेता से कहा ” पालघर लिचिंग में फेल, कोरोना में फेल , SSR की जांच में फेल, आज अरनब गोस्वामी से डर लग रहा है?
पैनलिस्ट ने कहा यह ड्रामा मत करिए जोकर बाजी करनी है तो सर्कस में चले जाइए। आपको इस देश के सच्चे पत्रकार से डर लग रहा है, अब क्या आप चैनल बंद कर देंगे। अरनब के साथ पूरा हिंदुस्तान है। गोस्वामी ने मुंबई के कमिश्नर के इस्तीफ़े की मांग की है। उन्होंने कहा कि ये आरोप इसलिए लगाए गए हैं क्योंकि रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में कमिश्नर परमबीर सिंह से सवाल पूछे। उन्होंने कहा है कि ‘सुशांत सिंह राजपूत और पालघर केस में देश को हमने सच दिखाया है। बदले की ऐसी कार्रवाई से रिपब्लिक टीवी का एक-एक सदस्य सच्चाई के पीछे और मजबूती से खड़ा होगा।’
गौरतलब है कि गुरुवार को परमबीर सिंह ने सीधे तौर पर रिपब्लिक टीवी को आरोपी मानते हुए कहा कि ने पैसे देकर रेटिंग बढ़ाई। टीआरपी रैकेट के जरिए पैसा देकर टीआरपी के मैन्युपुलेट किया जाता था। सूचना प्रसारण मंत्रालय और भारत सरकार को रिपब्लिक टीवी की जानकारी दी जाएगी।
परमबीर सिंह ने कहा कि ‘यह अपराध है, बेईमानी है। हम इसे रोकने के लिए जांच कर रहे हैं। फॉरेंसिक एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है। जो आरोपी पकड़े गए हैं, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दो छोटे चैनल फक्त मराठी और बॉक्स सिनेमा भी शामिल हैं। इनके मालिक को कस्टडी में लिया गया है। आईपीसी की धारा 409 और 420 के तहत गिरफ्तारियां की गईं हैं।

