India Trade Deal: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को तीन सदस्यीय अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत-अमेरिका संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। जिनमें व्यापार और सुरक्षा भी शामिल हैं। यह चर्चा दोनों देशों के बीच संबंधों में जारी तनाव की पृष्ठभूमि में हुई। बैठक में मौजूद अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि वार्ता “फलदायक (Productive)” रही और इसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करना था।

जिमी पैट्रोनिस, माइक रोजर्स और एडम स्मिथ सहित अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की भारत यात्रा ऐसे समय में हुई है जब दोनों पक्ष द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों पक्षों ने इस मुलाकात को बहुत “सार्थक” और “अच्छी बातचीत” बताया। इसका मतलब है कि भारत और अमेरिका आने वाले समय में रक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में और करीब आकर काम करेंगे।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने X पर बताया कि अमेरिका के साथ हुई बातचीत में भारत-अमेरिका रिश्तों के अलावा हिंद-प्रशांत क्षेत्र और यूक्रेन संघर्ष जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

वहीं गोर ने X पर लिखा कि जयशंकर, अमेरिकी सांसद माइक रोजर्स, एडम स्मिथ और जिमी पैट्रोनिस के साथ उनकी एक उपयोगी बैठक हुई। इस बैठक में सुरक्षा को मजबूत करने, व्यापार बढ़ाने और अहम तकनीकों पर सहयोग के जरिए भारत-अमेरिका साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर बात हुई।

जयशंकर ने लिखा कि प्रतिनिधि माइक रोजर्स, एडम स्मिथ, जिमी पैट्रोनिस और भारत में अमेरिकी राजदूत सहित अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के साथ उनकी अच्छी बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस के साथ बातचीत हमेशा से भारत-अमेरिका संबंधों का हमेशा से एक अहम हिस्सा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में मार्को रुबियो और स्टीव डेन्स के साथ हुई बातचीत भी इसी कड़ी का हिस्सा है और यह अमेरिका के राजनयिकों की लगातार हो रही भारत यात्राओं को दिखाता है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 13 जनवरी को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात की। इस बातचीत में व्यापार, अहम खनिज, परमाणु सहयोग, रक्षा और ऊर्जा जैसे कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई। जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों ने आपसी और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर आगे बढ़ने के लिए लगातार संपर्क में रहने की जरूरत पर सहमति जताई। उन्होंने X पर लिखा कि रुबियो के साथ बातचीत अच्छी रही और इन सभी विषयों पर आगे भी संवाद जारी रखने पर सहमति बनी। यह टेलीफोन पर हुई बातचीत भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के नई दिल्ली में पदभार ग्रहण करने के ठीक एक दिन बाद हुई।

इस बीच, भारत में अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास ने 20 जनवरी को बताया कि अमेरिकी सीनेटर स्टीव डेन्स ने 17 से 19 जनवरी के बीच भारत यात्रा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच होने वाले किसी भी भविष्य के व्यापार समझौते में दलहन फसलों के लिए अनुकूल प्रावधान होने चाहिए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच मजबूत और स्थिर व्यापार संबंध बहुत जरूरी हैं। इस यात्रा में नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, संसद सदस्यों और दोनों देशों के व्यापारिक नेताओं के साथ बैठकें शामिल थीं।

भारत में अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि सीनेट की विदेश संबंध समिति के सदस्य सीनेटर डेन्स ने अमेरिका-भारत रक्षा सहयोग, सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला और एक स्थिर हिंद-प्रशांत क्षेत्र सहित कई मुद्दों पर चर्चा की।

गोर के अनुसार, वाशिंगटन के लिए भारत जितना महत्वपूर्ण कोई देश नहीं है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को नई दिल्ली में कहा कि वाशिंगटन के लिए भारत से ज्यादा महत्वपूर्ण कोई देश नहीं है और दोनों पक्ष व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं।

अपने आगमन भाषण में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मित्रता का जिक्र करते हुए कहा था कि सच्चे दोस्त असहमत हो सकते हैं, लेकिन अंत में हमेशा अपने मतभेदों को सुलझा लेते हैं। उन्होंने यहां अमेरिकी दूतावास के कर्मचारियों की उपस्थिति में आयोजित एक समारोह में कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्र है। इसलिए इस लक्ष्य को हासिल करना आसान काम नहीं है, लेकिन हम इसे पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।

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उन्होंने कहा कि व्यापार हमारे संबंधों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन हम सुरक्षा, आतंकवाद-विरोधी अभियान, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी मिलकर काम करना जारी रखेंगे। उन्होंने आगे कहा कि मैंने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ पूरी दुनिया की यात्रा की है और मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी मित्रता सच्ची है।

गोर ने यह भी घोषणा की कि भारत पैक्स सिलिका गठबंधन का सदस्य होगा। उन्होंने कहा कि मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत को अगले महीने इस राष्ट्र समूह में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। बता दें, पैक्स सिलिका गठबंधन एक सुरक्षित, लचीली और नवाचार संचालित सिलिकॉन आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए अमेरिका के नेतृत्व वाली एक रणनीतिक पहल है।

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