जम्मू कश्मीर में अमन-चैन का माहौल खराब करने और लोगों में खौफ  पैदा करने के लिए पाकिस्तानी आतंकियों ने नया पैंतरा अपनाया है। दरअसल अब कश्मीर में आतंकी सेब के बाग को आग के हवाले कर रहे हैं। आतंकियों ने आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद संवेनशील इलाकों में से एक कश्मीर के शोपियां में 12 सितंबर को  सेब के बागों को आग के हवाले कर दिया। बाग के मालिक का कहना है  कि आतंकियों  ने यह नया तरीका अपनाया है जिससे व्यापारियों को कश्मीरी लोग सेब नहीं बेच पाए। यहीं नहीं इससे पहले आतंकियों ने शोपिंया के कानी गाम नामक गांव में पंचायत भवन की इमारत को आग के हवाले कर दिया था।

इंडिया टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक बाग के मालिक का कहना है  कि आतंकियों  ने यह नया तरीका अपनाया है जिससे व्यापारियों को कश्मीरी लोग सेब नहीं बेच पाए। यहीं नहीं इससे पहले आतंकियों ने शोपिंया के कानी गाम नामक गांव में पंचायत भवन की इमारत को आग के हवाले कर दिया था। हाल  ही में आतंकियों द्वारा हिंसक घटनाओं के बाद लोगों में खौफ का माहौल है।

आतंकियों द्वारा व्यापार ना करने की धमकी दी गई है। सेब के बागानों के मालिक का कहना है कि हाल ही में जिस सेब के बागान को आग  लगाई गई उसकी वजह से उसे कम से कम 3-4 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि सेब की फसल तैयार करने में  जीवन भर की मेहनत लगती है। 15-20 साल लगती है एक सेब की एक फसल तैयार होती है। मैंने  सात पेड़ खो दिए हैं।

हालांकि उसका कहना है कि उसने अपनी जान के खतरे के डर से पुलिस के पास नहीं गया और ना ही अपना नाम बताया। उसने बताया कि उसका नुकसान कितना बड़ा है। बाग के मालिक के मुताबिक एक सेब के पेड़ से कम से कम 25 कार्टन  सेब का उत्पाद होता है और एक कार्टन में में कम से कम 20 किलो सेब आता है। सेब के सात पेड़ जलने से उसे भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है जिसका असर कई दिनों तक उस पर रहेगा।