तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार बन चुकी है, शपथ ग्रहण समारोह भी हो गया है। एक तरफ ए. रेवंत रेड्डी ने सीएम पद की शपथ ली है तो वहीं Mallu Bhatti Vikramarka को डिप्टी सीएम बना दिया गया है। कांग्रेस की इस प्रचंड जीत में Mallu Bhatti Vikramarka की अहम भूमिका बताई जा रही है। वे सिर्फ पार्टी के एक बड़े दलित चेहरा नहीं रहे हैं, बल्कि कहना चाहिए कि उनकी रणनीति ने ही कांग्रेस को इतनी बड़ी जीत दिलवाई है।
राहुल पर कैसे भारी पड़े Mallu Bhatti Vikramarka?
असल में चुनावी मौसम में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बाद Mallu Bhatti Vikramarka ने भी अपनी एक यात्रा पूरे तेलंगाना में निकाली थी। उस यात्रा के जरिए उन्होंने 1400 किलोमीटर कवर किए थे। उस यात्रा के दौरान समाज के हर वर्ग के बीच में वे गए, उनकी तरफ से कई बार बड़ा संपर्क अभियान चलाया गया। अब बताया ये जा रहा है कि कांग्रेस का जो मैनिफेस्टो तैयार हुआ था, उसमें Mallu Bhatti Vikramarka का बड़ा हाथ रहा। किसानों से लेकर नौजवानों के लिए पार्टी ने जो भी वादे किए, वो असल में इनपुट थे जो डिप्टी सीएम को जमीन पर अपनी यात्रा के दौरान मिले थे।
कैसा रहा डिप्टी सीएम का अब तक का सफर?
जानकार मानते हैं कि इसी वजह से राहुल की भारत जोड़ो यात्रा से ज्यादा Mallu Bhatti Vikramarka की यात्रा ने कांग्रेस को तेलंगाना में फायदा पहुंचाया। डिप्टी सीएम के पॉलिटिकल करियर पर भी अगर नजर डाली जाए तो ये वे एक कांग्रेस के एक पुराने और वफादार खिलाड़ी हैं। साल 2007 में आंध्र प्रदेश में वे सबसे पहले एक एमएलसी बने थे। दो साल बाद ही मधिरा से वे अपना पहला चुनाव भी जीतसलिए। 2014 तक तो उन्हें आंध्र प्रदेश में डिप्टी स्पीकर बनने का मौका भी मिला था।
तेलंगाना चुनाव के क्या नतीजे रहे?
अब कांग्रेस ने इस चुनाव में उनका सही तरह से इस्तेमाल किया, उनको वो जिम्मेदारी सौंपी गई जिसमें वे माहिर थे। लंबी यात्रा की, किसानों के बीच गए, युवाओं का दर्द समझा, पिछली सरकार की विफलताओं को डीकोड किया और उसका नतीजा कांग्रेस की बढ़ी हुई सीट टैली में भी साफ दिख रहा है। तेलंगाना चुनाव की बात करें तो कांग्रेस के खाते में इस बार 64 सीटें गईं, बीआरएस को सिर्फ 39 सीटों से संतुष्ट करना पड़ा।
