नरेंद्र मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले की आलोचना करने पर तमिलनाडु की कांग्रेस प्रवक्ता ज्योतिमणि को सोशल मीडिया पर ट्रॉल किया गया। ज्योतिमणि का दावा है कि उनके पास इसके बाद सैंकड़ों अनजान नंबरों से कॉल आया और उन पर अभद्र कमेंट किए गए। सोशल मीडिया पर ज्योतिमणि पर उस वक्त निशाना साधा गया, जब उन्होंने नोटबंदी के 50 दिन गुजर जाने के बाद भी हालात नहीं सुधरने के लिए मोदी सरकार की आलोचना की थी।
बीबीसी हिंदी ने अपने रिपोर्ट में ज्योतिमणि के हवाले से लिखा है, ‘मेरे पास 800 से ज्यादा अनजान लोगों की कॉल्स आईं। कुछ लोगों से फोन पर बात भी की। उन्होंने अपने आपको भाजपा कार्यकर्ता बताया और भद्दे कमेंट किए। यह तब हुआ, जब मैंने नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने के बाद भी हालात नहीं सुधरने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की।’
रिपोर्ट के मुताबिक एक व्हॉट्सऐप ग्रुप भी बनाया गया, जिसमें उनका नंबर भी जोड़ दिया गया। बार-बार हटने के बावजूद उनका नंबर उस ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप पर भी उन पर निशाना बनाया गया। इस ग्रुप की चेट का प्रिंट स्क्रीन ज्योतिमणि ने अपने टि्वटर पेज पर शेयर भी किए हैं।
ज्योतिमणि ने उन्हें ट्रॉल करने के लिए भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया है। ज्योतिमणि ने बीबीसी को बताया कि, ‘भाजपा के आईटी सेल में काम कर चुकी साधवी खोसला ने स्वाति चतुर्वेदी की किताब ‘आई एम ए ट्रोल’ में बताया है कि किस तरह भाजपा के आईटी सेल में उनसे मोदी की आलोचना करने वालों के खिलाफ कमेंट करने को कहा जाता था। इस सबसे तंग आकर उन्होंने भाजपा आईटी सेल से नाता तोड़ लिया।’
I have an undisbuted reputation n respect in my twenty yrs of public life. I am known for my honesty ,simlicity n courage. 2/n pic.twitter.com/BsEExyXqhE
— Jothimani (@jothims) December 31, 2016
ज्योतिमणि का कहना है कि जब उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रॉल किया जा रहा था, तभी कुछ लोग ऐसे भी जो उनके समर्थन में उतरकर आ गए थे। उन्होंने ज्योतिमणि के समर्थन #I Stand with Jothimani के नाम से ट्रेंड भी चलाया।
