प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को तमिलनाडु के मदुरंथकम में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया है। प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह साल 2026 में तमिलनाडु में पहली यात्रा है। यह वह समय है जब तमिलनाडु एक अलग तरह की खुशी में डूबा हुआ है।

आगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “कुछ ही दिन पहले तमिलनाडु के विकास पुरुष और भारत रत्न एमजी रामचंद्रन की जयंती भी मनाई गई। आज इस मंच से मैं आप सभी के कल्याण और तमिलनाडु के कल्याण की कामना करता हूं।” इसके बाद पीएम ने नेताजी सुभाष चंद्र को भी याद किया।

आइए जानते हैं कि तमिलनाडु में पीएम मोदी के भाषण की पांच बड़ी बातें…

  1. पीएम मोदी ने डीएमके पर निशाना साधते हुए कहा कि डीएमके सरकार राज्य की जनता के हितों की बजाय एक ही परिवार के हितों की सेवा करती है। डीएमके में तरक्की के अवसर सीमित प्रतीत होते हैं, अक्सर वंशवादी संबंधों वाले या भ्रष्टाचार, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार या हमारी संस्कृति का अपमान करने वाले लोगों को ही प्राथमिकता दी जाती है। परिणामस्वरूप, पार्टी में केवल ऐसे व्यक्तियों को ही पदोन्नति मिल रही है जो इस तरह के व्यवहार में शामिल होने के लिए तत्पर हैं। तमिलनाडु के लिए इसके गंभीर परिणाम हुए हैं, क्योंकि राज्य इन कार्यों के प्रभावों से पीड़ित है। यह सर्वविदित है कि भ्रष्टाचार कितना व्यापक हो गया है, और इस बात में कोई संदेह नहीं है कि इन भ्रष्ट गतिविधियों से किसे लाभ हो रहा है।
  2. तमिलनाडु के जनता ने डीएमके को दो बार साफ तौर पर जनादेश दिया। लेकिन इन्होंने (डीएमके) तमिलनाडु की जनता का भरोसा तोड़ा। डीएमके ने वादे ढेर सारे किए, लेकिन काम शून्य (जीरो) रहा। डीएमके सरकार को अब लोग सीएमसी सरकार कह रहे हैं, सीएमसी सरकार यानी, करप्शन, माफिया और क्राइम को बढ़ावा देने वाली सरकार।
  3. बीते 11 वर्षों में तमिलनाडु के लोगों के वेलफेयर के लिए केंद्र से करोड़ों रुपए की मदद मिली है। वरना, कांग्रेस-डीएमके गठबंधन के राज में तो गरीब, एससी-एसटी, ओबीसी के वेलफेयर के नाम पर सिर्फ घोटाले ही होते थे। डीएमके-कांग्रेस जितना रेल बजट तमिलनाडु को देती थी, एनडीए सरकार उससे सात गुना अधिक बजट तमिलनाडु को दे रही है।
  4. एनडीए सरकार छोटे किसानों और मछुआरों को सहकारी समितियों से जोड़ने के लिए काम कर रही है, जिसमें किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। तमिलनाडु में खाद्य प्रसंस्करण की अपार संभावनाएं हैं। सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि तमिलनाडु के किसानों और मछुआरों की उपज वैश्विक बाजारों तक पहुंचे।
  5. एक विकसित भारत के निर्माण में युवा और महिला सशक्तिकरण (नारी शक्ति) की अहम भूमिका है। हालांकि, तमिलनाडु में सरकार इस मामले में नाकाम रही है और उसने मादक पदार्थों के दुरुपयोग और ड्रग माफिया को हमारे युवाओं के लिए खतरा बनने दिया है। माताएं अपने बच्चों को लेकर बेहद चिंतित हैं और माता-पिता अपने बच्चों के जीवन को बर्बाद होते देख रहे हैं। ड्रग माफिया विशेष रूप से स्कूलों और कॉलेजों को निशाना बना रहा है, जिससे संकट और भी बढ़ रहा है।

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