उत्तर प्रदेश में सत्ता पर काबिज होने के भाजपा के लक्ष्य को सोमवार (8 अगस्त) को उस समय पर लग गए जब राज्य के ओबीसी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य पार्टी में शामिल हो गए। हाल ही में उन्होंने बसपा छोड़ी थी। चौथी बार के विधायक मौर्य भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की उपस्थिति में भगवा दल में शामिल हुए और उन्होंने दावा किया है कि यदि उन्हें पार्टी नेतृत्व से भरपूर समर्थन मिलता है तो पार्टी राज्य में मजबूत बहुमत के साथ सत्ता में आएगी। राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव है। उनके भाजपा में शामिल होने के समय बड़ी तादात में मौर्य के समर्थक भाजपा कार्यालय में मौजूद थे जिसकी वजह से अशोक रोड पर आवागमन में काफी परेशानी हुई। संवाददाता सम्मेलन तय समय से काफी देरी से शुरू हुआ। उससे पहले मौर्य भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ काफी देर तक बैठक करते रहे।
जून में बसपा छोड़ने से पहले उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे मौर्य ने कहा कि वे कमजोर तबकों को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किए गए कार्यों से प्रभावित हैं। उन्होंने बसपा को औद्योगिक घराना बना देने तथा कथित रूप से टिकट बेचने को लेकर पार्टी प्रमुख मायावती की कड़ी आलोचना की। उनके विधिवत भाजपा में शामिल हो जाने से उनके अगले कदम के बारे में चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है। दरअसल जब उन्होंने बसपा छोड़ी थी तब चर्चा थी कि वे सपा में जा सकते हैं और बाद में कई अन्य दलों ने भी उनसे संपर्क साधा था।
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मैंने सही समय पर सही फैसला किया। बताया जाता है कि मौर्य की कुशवाहा, मौर्य, शाक्य और सैनी जैसे ओबीसी समुदायों के मतदाताओं पर अच्छी पकड़ है। उन्होंने गोरक्षकों पर परोक्ष निशाना साधते हुए समाज को बांटने की कोशिश करने वाली सांप्रदायिक ताकतों की निंदा की। उसके बाद उन्होंने इस मामले पर पिछले दो दिनों के दौरान आए मोदी के बयानों की प्रशंसा की। बसपा में रह गए अपने कुछ समर्थकों और भाजपा नेतृत्व को एक संदेश देते हुए उन्होंने अपनी नई पार्टी से अनुरोध किया कि भविष्य में जब भी वे इस दल में शामिल हों, तो उन्हें उचित सम्मान दिया जाए।
मौर्य ने कहा कि कई और विधायक भी हैं जो भाजपा में शामिल होंगे। उन्होंने अपने साथ भाजपा में शामिल हुए कुछ पूर्व विधायकों के नाम भी लिए। उन्होंने कहा कि मायावती पिछड़ी जातियों को हाशिए पर डाल रही हैं और वे 403 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव में इस समुदाय को बस 26-27 सीटें ही दें सकती हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में भाजपा ने इस समुदाय को 29 सीटें दी थीं और सभी के सभी जीत गए लेकिन बसपा ने महज 16 सीटें ही दी थी। इस संवाददाता सम्मेलन में शाह कुछ नहीं बोले और वे कुछ ही देर बाद चले गए। उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पार्टी में स्वामी प्रसाद मौर्य के आने से उसकी ताकत बढ़ेगी और राज्य में सरकार बनाने का उसका मिशन हकीकत के करीब है।

