पहलवान सागर राणा हत्याकांड में गिरफ्तार ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार के वकील ने रोहिणी कोर्ट में कहा ओलंपियन के लिए विशेष सेल तैयार किया जाए। अपनी मांग के पीछे वकील ने तर्क दिया कि उन्हें बड़े और आपराधिक गैंग से खतरा है। वो पेशेवर अपराधी नहीं है, सिर्फ हालातों के शिकार हैं।
वहीं दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने सुशील कुमार की तीन दिन की हिरासत बढ़ाने की मांग की हैै। दिल्ली पुलिस की याचिका में कहा गया है कि पहलवान सुशील कुमार के कपड़ों और अपराध में यूज में होने वाले हथियार को बरामद करने के लिए उन्हें हरिद्वार ले जाना जरूरी है। दिल्ली पुलिस की याचिका का विरोध करते हुए सुशील कुमार के वकील प्रदीप राणा ने कहा कि पुलिस को पूछताछ के लिए काफी समय दिया गया है। पहलवान के वकील ने कहा कि सुशील पेशेवर और खूंखार अपराधी नहीं है। वो सिर्फ हालातों का शिकार हुए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने देश को दुनिया के सबसे मंच पर दो बार गौरवान्वित होने का मौका दिया। वो राजीव गांधी खेल रत्न, पद्म भूषण आदि पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं।
दिल्ली पुलिस के पास कोई विशेष कारण नहीं
वकील प्रदीप राणा ने कहा कि दिल्ली पुलिस की एप्लीकेशन में ऐसा कोई आधार नहीं है कि जिससे सुशील की हिरासत को बढ़ाया जा सके। बीते 10 दिनों से दिल्ली पुलिस एक डंडा बरामद करने में कोशिश कर रही है, लेकिन सफल रही है। पुलिस रिमांड को तब तक बढ़ाना बेमानी होगा जब तक आवेदन में ठोस कारण ना दिया गया हो।
सुशील से कुछ भी उगलवाना आसान नहीं
वहीं दूसरी ओर जांच अधिकारी ने कहा कि पहले ओलंपियन कहा कि प्रॉपर्टी डिस्प्यूट का मामला है। जबकि वीडियो में जो दिख रहा है वो बिल्कुल अलग है। अधिकारी ने कहा कि सुशील ने जानकारी दी कि झगड़ा सिर्फ फ्लैट खाली करने का था, जिसका किराया 25 हज़ार रुपए था। वहीं अधिकारी ने तर्क दिया कि महज 25 हजार रुपए के लिए इतना बड़ा खिलाड़ी अपना करियर दांव पर क्यों लगाएगा। देश के लोगों ने सुशील कुमार को बहुत सम्मान दिया और उन्होंने क्या किया?
अधिकारी ने कहा कि इसके लिए सुशील कुमार को जवाब देना होगा। कोर्ट ने जांच अधिकारी ने कहा कि ये पहलवान है, उनसे उगलवाना आसान काम नहीं हैं।

