सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर एक बार फिर मामला गरमाता दिख रहा है। सेना के पूर्व अधिकारियों ने कहा है कि सर्जिकल स्ट्राइक पर शक करने वालों को मांफी मांग लेना चाहिए। दरअसल, करीब डेढ़ साल पहले भारतीय जवानों की तरफ से पाकिस्तानी सैनिकों पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘हिट्री चैनल 18’ ला रहा है। इसे सोमवार (22 जनवरी) को रात 9 बजे चैनल पर दिखाया जाएगा। फिलहाल चैनल ने इसके टीजर जारी किए हैं, जिनमें पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, पूर्व सेना अध्यक्ष दलबीर सिंह समेत भारतीय सेना के अधिकारियों से बात करते हुए सर्जिकल स्टाइक दिखाई गई है। सर्जिकल स्ट्राइक पर आधारित इस डॉक्यूमेंट्री को लेकर समाचार चैनल ‘सीएनएन न्यूज 18’ पर बातचीत के दौरान पूर्व एक सैन्य अधिकारी ने कहा- ”हमें कभी भारतीय सेना पर संदेह नहीं करना चाहिए। भारतीय सेना सत्यनिष्ठा और विश्वसनीयता पर सिखाती है। मुझे बहुत सदमा बैठा कि जब लोगों ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर सबूत मांगना शुरू किया।”
‘I was quite shocked when people started asking proof of #SurgicalStrikes, People who doubted should apologise now: Gen (retd) V P Malik to @bhupendrachaube on #Viewpoint #SurgicalStrikes pic.twitter.com/jBztfCYYyq
— News18 (@CNNnews18) January 19, 2018
उन्होंने आगे कहा- ”भारतीय सेना कभी भी इस तरह के काम का अंजाम दिए बगैर उसके बारे में बात नहीं करती है। मैंने कभी नहीं देखा है कि लोग इस तरह की चीजों पर शक जताते हैं, इसलिए मैं इस बात पर सहमत हूं कि जिन लोगों ने सर्जिकल स्ट्राइक पर शक किया, उन्हें माफी मांगनी चाहिए, मैं नहीं जानता कि इसमें नेता भी शामिल हैं, उन्हें इस बारे में बिल्कुल मांफी मांगनी चाहिए।”
बता दें कि भारतीय सेना के एलिट पैराट्रूपर स्पेशल बलों में से दो को सर्जिकल स्ट्राइक का जिम्मा सौंपा गया था। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जवानों ने 28 सितंबर 2016 को सर्जिकल हमला बोला था। सर्जिकल स्ट्राइक करने के बाद भारतीय जवान वापस भी आ गए थे और किसी को खबर तक नहीं हुई थी। 29 सितंबर को सेना की तरफ बयान जारी कर सर्जिकल स्ट्राइक की जानकारी दी गई थी। इसके बाद मीडिया पर चली खबरों से पाकिस्तान को इस बारे में जानकारी मिली। लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों ने शुरू में इस बात को स्वीकार करने में असहजता जताई थी।
भारत में सेना के सर्जिकल स्ट्राइक पर सियासी गलियारों में राजनीति तेज हो गई थी। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस समेत कई लोगों ने सरकार से सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगा था। कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने सर्जिकल स्ट्राइक को फर्जी करार दिया था, जिसके बाद उन्हें भारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। वहीं केंद्र सरकार पर आरोप लग रहे थे कि वह सर्जिकल स्ट्राइक की आड़ में आपना राजनीतिक हित साध रही है।
पाकिस्तान की पोल खोलने वाला वीडियो
Pakistan said no strikes: Argument falls flat. Mirpur cop admitted it to CNN-News18.#Viewpoint with @bhupendrachaube. #SurgicalStrikes pic.twitter.com/fzUMXqN8V1
— News18 (@CNNnews18) January 19, 2018

