सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न सरकारी विभागों में काम कर रहे कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को अपने एक फैसले से बड़ी राहत दी है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली सरकार को कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में बढ़ोत्तरी करने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद करीब 55 लाख कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा और उनकी सैलरी में 11% तक की बढ़ोत्तरी हो सकती है।

जस्टिस यूयू ललित और अनिरुद्ध बोस की बेंच ने दिल्ली की आप सरकार के ड्राफ्ट को हरी झंडी दे दी है, जिसमें कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने की संस्तुति की गई थी। इससे पहले कोर्ट ने दिल्ली सरकार को कानून के अंतर्गत न्यूनतम वेतन एक्ट में सुधार के निर्देश दिए थे।

बता दें कि दिल्ली सरकार ने मार्च, 2017 में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन सरकार के इस प्रस्ताव को इंडस्ट्री बॉडीज द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई और अगस्त 2018 में यह खारिज हो गया। इसके बाद दिल्ली की आम आदमी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली सरकार ने नवंबर, 2018 में श्रम विभाग के अधिकारियों वाली एक 4 सदस्यीय कमेटी का गठन किया। इस कमेटी ने जनवरी, 2019 में एक ड्राफ्ट पेश किया, जिसमें न्यूनतम वेतन संबंधी सुझाव और आपत्तियों का जिक्र था। इसके बाद यह ड्राफ्ट दिल्ली के न्यूनतम वेतन सलाहकार बोर्ड के पास भेज दिया गया।

सलाहकार बोर्ड द्वारा ड्राफ्ट को मंजूरी देने के बाद दिल्ली सरकार ने इस कैबिनेट में पास कराकर इसे सुप्रीम कोर्ट में पेश किया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस ड्राफ्ट को मंजूरी देते हुए दिल्ली सरकार को इसे लागू करने का निर्देश दिया है।

उल्लेखनीय है कि कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के वेतन में 11% की बढ़ोत्तरी हो जाएगी। इसके बाद अनस्किल्ड कर्मचारी का वेतन 13,350 रुपए से बढ़कर 14,842 रुपए हो जाएगा। वहीं सेमी-स्किल्ड कर्मचारी का वेतन 14,698 से बढ़कर 16,341 रुपए और स्किल्ड कर्मचारी का वेतन 16182 रुपए से बढ़कर 17991 रुपए हो जाएगा।