अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले भाजपा के फायरब्रांड नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने सोमवार को कश्मीर के मुद्दे पर ट्वीट किया है। अपने इस ट्वीट में सुब्रमण्यन स्वामी ने कश्मीरी मुसलमानों को प्रायश्चित करने की नसीहत दी है। स्वामी ने अपने इस ट्वीट में लिखा कि “क्यों कुछ कश्मीरी मुसलमान सुरक्षा उपायों को लेकर बड़बड़ा रहे हैं? क्या वह तब बड़बड़ाए थे, जब 5 लाख कश्मीरी हिन्दुस्तानियों (पंडित, सिख और बौद्ध) को बेइज्जत किया गया, बलात्कार हुए और उन्हें कश्मीर से बाहर कर दिया गया? इसलिए अब प्रायश्चित करो।”

सुब्रमण्यन स्वामी के इस ट्वीट पर काफी लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग जहां स्वामी की बातों का समर्थन करते हुए कश्मीरी पंडितों के प्रति संवेदना जाहिर कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो सुब्रमण्यन स्वामी की बातों से सहमत नहीं हैं। उल्लेखनीय है कि 90 के दशक में कश्मीर में जम्मू कश्मीरी पंडितों के खिलाफ हिंसा हुई थी। जिसके बाद बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडितों ने कश्मीर से पलायन कर दिया था। इस दौरान कई कश्मीरी पंडितों की आतंकियों द्वारा हत्या भी की गई।

बता दें कि बीती 5 अगस्त को केन्द्र सरकार ने जम्मू कश्मीर के विशेषाधिकार वाले दर्जे को समाप्त करते हुए आर्टिकल 370 के कई प्रावधानों को हटा दिया था। इसके पहले सरकार ने जम्मू कश्मीर में किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए बड़ी संख्या में घाटी में पुलिस और सुरक्षाबलों को तैनात किया था। वहीं घाटी के कई नेताओं को सरकार ने नजरबंद कर दिया था। अब एक माह से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी कश्मीर घाटी में कई जगहों पर प्रतिबंध लागू हैं। इसमें घाटी में मोबाइल फोन और इंटरनेट पर पूरी तरह से प्रतिबंध शामिल है।