Somnath Swabhiman Parv: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत गुजरात दौरे के दूसरे दिन रविवार को शौर्य यात्रा में भाग लिया। शौर्य यात्रा में 108 घोड़ों के साथ एक प्रतीकात्मक जुलूस निकला। शौर्य यात्रा एक औपचारिक जुलूस है जो सदियों से सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वाले योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित की जाती है।
प्रधानमंत्री मोदी फूलों से सजी एक खुली गाड़ी में खड़े होकर सड़क के दोनों ओर जमा भीड़ का अभिवादन करते दिख रहे हैं। गाड़ी के चारों ओर भारी सुरक्षा व्यवस्था है, जिसमें कर्मी साथ-साथ चल रहे हैं और अन्य सरकारी गाड़ियां पीछे-पीछे आ रही हैं। भीड़ में लोग झंडे लहराते और हाथ उठाते हुए देखे जा सकते हैं, वहीं भगवा रंग के बैनर और सजावटी सामान रास्ते में लगे हुए हैं, जो उत्सव के माहौल को और बढ़ा रहे हैं। कई उपस्थित लोग खुशी से चिल्लाते हुए और अपने फोन पर इस पल को रिकॉर्ड करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने एक जनसभा को भी संबोधित किया।
पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित किया
पीएम मोदी ने कहा, “मैं अपना बहुत बड़ा सौभाग्य मानता हूं कि सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में मुझे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में सक्रिय सेवा का अवसर मिला है। आज देश के कोने-कोने से लाखों लोग हमारे साथ जुड़े हैं, उन सबको मेरी तरफ से जय सोमनाथ। ये समय अद्भुत है, ये वातावरण अद्भुत है, ये उत्सव अद्भुत है। एक ओर देवाधिदेव महादेव, दूसरी ओर समुद्र की लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की ये गूंज, आस्था का ये उफान और इस दिव्य वातावरण में भगवान सोमनाथ के भक्तों की उपस्थिति, इस अवसर को भव्य और दिव्य बना रही है।”
पीएम मोदी ने कहा कि एक हजार साल पहले, इसी जगह पर क्या माहौल रहा होगा। आप जो यहाँ उपस्थित हैं, उनके पुरखों ने, हमारे पुरखों ने जान की बाज़ी लगा दी थी। अपनी आस्था के लिए, अपने विश्वास के लिए, अपने महादेव के लिए उन्होंने अपना सबकुछ न्योछावर कर दिया। हजार साल पहले वे आततायी सोच रहे थे कि उन्होंने हमें जीत लिया, लेकिन आज एक हजार साल बाद भी, सोमनाथ महादेव के मंदिर पर फहरा रही ध्वजा पूरी सृष्टि का आह्वान कर रही है कि हिंदुस्तान की शक्ति क्या है, उसका सामर्थ्य क्या है।
पीएम मोदी ने मंत्र जाप में हिस्सा लिया
इससे पहले शनिवार को प्रधानमंत्री ने मंदिर में जलाभिषेक और दर्शन-पूजन भी किया। इसके बाद पीएम मोदी ने 72 घंटे तक चलने वाले मंत्र जाप में भी हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री की मौजूदगी में मंदिर न्यास की तरफ से विशेष ड्रोन और ऑडियो-विजुअल शो का आयोजन भी दिखाया गया। रोशनी और अत्याधुनिक तकनीक की मदद से दिखाए गए इतिहास में अध्यात्म जगत के खास बिंदुओं का चित्रण किया गया। ड्रोन के बेमिसाल समन्वय से आसमान में अखंड सोमनाथ अखंड भारत भी लिखा गया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व क्या है?
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व, जो 8 से 11 जनवरी, 2026 तक मनाया जा रहा है। 1026 में महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए पहले हमले की 1000वीं वर्षगांठ का प्रतीक है। इस हमले ने एक ऐसे लंबे दौर की शुरुआत की, जिसके दौरान सदियों तक मंदिर को बार-बार नष्ट किया गया और फिर से बनाया गया। हालांकि, सोमनाथ मंदिर समय की कसौटी पर खरा उतरा और लोगों की सामूहिक चेतना में हमेशा बसा रहा, यह साबित करते हुए कि यह भारत की आस्था, पहचान और सभ्यतागत गौरव का जीवंत प्रतीक है।
